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हिरोसिमा के शांति स्मारक पर संत पापा फ्राँसिस हिरोसिमा के शांति स्मारक पर संत पापा फ्राँसिस  (Vatican Media)

अमरीकी धर्माध्यक्षों द्वारा जापान के लिए प्रार्थना का आह्वान

अमरीका के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन ने हिरोसिमा एवं नागासाकी में परमाणु बम गिराये जाने की 75वीं वर्षगाँठ के पूर्व जापान के लिए प्रार्थना करने तथा न्याय एवं एकात्मकता का आह्वान किया है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

अमरीका, मंगलवार, 14 जुलाई 2020 (वीएन)- अमरीकी धर्माध्यक्षों ने हिरोसिमा और नागासाकी में सन् 1945 में परमाणु बम गिराये जाने की 75वीं वर्षगाँठ के पूर्व जापान में शांति हेतु प्रार्थना का आह्वान किया है।

सोमवार को जारी विज्ञप्ति में अमरीकी धर्माध्यक्षों ने कहा है कि "6 और 9 अगस्त को हिरोसिमा एवं नागासाकी में बम गिराये जाने की 75वाँ वर्षगाँठ है, उम्मीद करते हैं कि परमाणु हथियार से यह पहली और आखिरी युद्ध हो।"

21 वीं सदी में राज्य और गैर-राज्य अभिनेताओं, तेजी से परिष्कृत हथियारों और अंतर्राष्ट्रीय हथियारों के नियंत्रण ढांचे के साथ भू-राजनीतिक संघर्ष देखा जा रहा है। अमरीका के धर्माध्यक्षों ने परमाणु हथियारों के निरस्त्रीकरण पर प्रगति करने के लिए अपना आह्वान पुनः दोहराया है।

प्रार्थना का आह्वान

विज्ञप्ति में धर्माध्यक्षों ने याद किया है कि संत पापा जॉन पौल द्वितीय के 1981 में जापान यात्रा के समय से ही हर साल जापान में काथलकि कलीसिया शांति हेतु 10 दिनों का प्रार्थना दिवस मनाती है। इसी से प्रेरित होकर धर्माध्यक्षों ने अमरीका के काथलिकों एवं सभी भली इच्छा रखने वाले लोगों का आह्वान किया है कि वे 9 अगस्त को व्यक्तिगत प्रार्थना एवं ख्रीस्तयाग में एक साथ आयें।

एक शांति का विश्व

नवम्बर 2019 में संत पापा फ्राँसिस की नागासाकी यात्रा के दौरान कहे गये उनके शब्दों की याद दिलाते हुए धर्माध्यक्षों ने कहा है कि विश्व में चारों ओर एक ऐसे विश्व की उम्मीद की जा रही है जो शांतिपूर्ण हो और परमाणु हथियारों से मुक्त हो।

नागासाकी का दौरा करते हुए संत पापा फ्राँसिस ने भी अपील की थी कि परमाणु हथियारों के खतरे के जवाब हमें लगातार आपसी भरोसा का निर्माण करने के साथ साथ एकजुट होकर एवं ठोस रूप में देना है।

हिरोसिमा एवं नागासाकी

परमाणु हथियारों का एकमात्र युद्धकालीन उपयोग द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हुआ था, जब संयुक्त राज्य अमेरिका ने क्रमशः 6 और 9 अगस्त 1945 को हिरोशिमा और नागासाकी शहरों पर बमबारी की थी।

हिरोशिमा बमबारी में लगभग 80,000 लोग तत्काल मौत के शिकार हुए थे और बाद में इसके कारण लाखों लोगों की मौत हुई थी। तीन दिन बाद नागासाकी पर हुए हमले में लगभग 40,000 लोगों की तुरंत मौत हो गई थी एवं इसने शहर के एक बड़े हिस्से को नष्ट कर दिया था।

14 July 2020, 16:48