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यूआईएसजी द्वारा नाबालिगों की सुरक्षा पर वेबिनार यूआईएसजी द्वारा नाबालिगों की सुरक्षा पर वेबिनार 

यूआईएसजी ने वेबिनार की सुरक्षा के दौरान दो पहलों की घोषणा की

सुपीरियर जनरलों के अंतर्राष्ट्रीय संघ(यूआईएसजी) ने मंगलवार को एक वेबिनार के दौरान विक्टिमोलॉजी और रिलेशनल सेफ्टी मॉडल दो पहलों का खुलासा किया।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

रोम, बुधवार 1 जुलाई 2020 (यूएन न्यूज) : सुपीरियर जनरलों के अंतर्राष्ट्रीय संघ (यूआईएसजी)  ने मंगलवार को चार-भाग वाले सुरक्षित वेबिनार में से तीसरे भाग रे वेबिनार की मेजबानी की। अतिथि वक्ता डॉ. गेब्रियल डाय-लिको ने विक्टिमोलॉजी और रिलेशनल सेफ्टी मॉडल विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किया।

दो पहलों की घोषणा

 यूआईएसजी के कार्यकारी सचिव सिस्टर पैट मर्रे ने वेबिनार से पहले दो पहल की घोषणा की। उसने कहा कि 22 जून को यूआईएसजी और उसके पुरुष समकक्ष, यूनियन ऑफ सुपरियर्स जनरल (यूएसजी) के संयुक्त आयोग की पहली बैठक संम्पन्न हुई। आयोग में प्रत्येक संगठन के पाँच प्रतिनिधि शामिल हैं। सिस्टर पैट ने कहा कि यह संयुक्त आयोग, "नाबालिगों और कमजोर वयस्कों के संरक्षण और अन्य लोगों के साथ काम करने के लिए भविष्य में हमारे प्रयासों का नेतृत्व करेंगे।" यूआईएसजी ने दो कार्यालय स्थापित किए हैं: देखभाल और संरक्षण के लिए कार्यालय और बच्चों के लिए काथलिक देखभाल अंतरराष्ट्रीय कार्यालय। ये दोनों कार्यालय "साथ मिलकर उन लोगों के साथ जुड़ने का एक विश्वव्यापी पहल करते हैं जो बच्चों को संस्थागत-आधारित देखभाल से परिवार-आधारित देखभाल पर ले जाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।"

सुरक्षा की दृष्टि

अतिथि वक्ता फिलीपींस के पांच बच्चों के पिता डॉ गैब्रियल डाय-लिको ने वेबिनार को आगे बढ़ाया। वे नाबालिगों के संरक्षण के लिए बने परमधर्मपीठीय सम्मेलन के संस्थापक सदस्य भी हैं। डॉ. डाय-लिको ने कहा "सुरक्षा करना एक मिशन है, प्रदर्शन करने का कार्य नहीं", यह उनका विचार नहीं, बल्कि संत पापा फ्राँसिस का है, जो बच्चों की सुरक्षा को नए सुसमाचार प्रचार का एक हिस्सा बनाने को कहते हैं। डॉ. डाय-लिको कहते हैं कि कलीसिया में इस मिशन के लिए सबसे खराब बाधा भय है। इस भय को केवल "आध्यात्मिकता और वशीकरण की भावना" के माध्यम से दूर किया जा सकता है जो हमें और अधिक फलदायी बनने में मदद करेगा क्योंकि हम कलीसिया में उन सभी को सेवा देते हैं जो किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार का सामना करते हैं।

विक्टिमोलॉजी

डॉ. डाय-लिको ने उत्पीड़न के चक्र को स्थापित करने के लिए दुरुपयोग के लिए तीन आवश्यक शर्तें प्रस्तुत कीं। (1) एक कमजोर व्यक्ति (2) एक अपराधी की उपस्थिति में होता है जो हमेशा अपनी या अपनी शक्ति का दुरुपयोग करता है, (3) एक अभिभावक की अनुपस्थिति में जिसका काम कमजोर व्यक्ति की रक्षा करना है। जब भी कोई बच्चा अभिभावक की अनुपस्थिति में अपराधी के साथ रहता है, तो 90% संभावना है कि बच्चे का दुरुपयोग किया जाएगा।

कलीसिया के मामले में उन्होंने कहा, कि कलीसिया में संरक्षक होने की क्षमता की कमी है। उन्होंने कहा, "हमने अपने नाबालिगों और कमजोर व्यक्तियों की रक्षा नहीं की है।" वास्तव में, "इसके ठीक विपरीत मामला रहा है: इसने आरोपों से इनकार किया है, तथ्यों को कवर किया है, अपराधियों के पुनर्वास के लिए बहुत सारे संसाधन प्रदान किए हैं, लेकिन पीड़ितों के लिए ज्यादा कुछ भी नहीं किया।" उन्होंने कलीसिया में धर्मप्रांतीय स्तर पर अन्य प्रकार के संगठनों के प्रसार की तुलना की, जैसे कि युवा संगठन और प्रकृति की देखभाल हेतु संगठन। फिर भी, कलीसिया में हर धर्मप्रांत में बच्चों की सुरक्षा का प्रसार अभी भी नहीं हुआ है।

कलीसिया में अपराधी

डॉ. डाय-लिको ने तब संयुक्त राज्य अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी से आंकड़े प्रस्तुत किए, जहां पुरोहितों द्वारा नाबालिगों के यौन शोषण पर अध्ययन किए गए हैं और उन्हें विश्वसनीय माना जा सकता है। एक आंकड़े से पता चलता है कि धारावाहिक अपराधी अपने पुरोहिताभिषेक के पहले वर्ष के भीतर ही यौन शोषण करना शुरु करने लगते हैं और वे अपने शिकार या यौन साथी की उम्र या लिंग के आधार पर भेदभाव नहीं करते। धारावाहिक अपराधियों और सामयिक अपराधियों दोनों का व्यवहार एक सा है जिसमें वे अपने पीड़ितों को अपनी मांगों के अनुपालन के लिए पीड़ित को लुभाते, उपहार देते और विशेषाधिकारों के साथ तैयार करते हैं।

रक्षा के स्तर

डॉ. डाय-लिको ने कहा कि अभिभावक की भूमिका के तीन स्तर हैं। इसकी शुरुआत सुरक्षा प्रदान करने वाले व्यक्ति की आत्म-देखभाल से होती है। सुरक्षाकर्मी को सबसे पहले खुद के साथ सुरक्षित होना चाहिए ताकि दूसरों के साथ सुरक्षित रहें और दूसरों की सुरक्षा का आश्वासन दें। ये लोग तब एक सुरक्षित समुदाय बनाने के लिए अन्य सुरक्षित वयस्कों के साथ एक नेटवर्क बनाते हैं। ये दो कारक तब सुरक्षित प्रणाली या संरचना का निर्माण करते हैं जिसमें सुरक्षित वातावरण में सुरक्षित मंत्रालय प्रदान किया जा सके।

कलीसिया में सुरक्षा

कलीसिया में सभी लोगों, विशेष रूप से बच्चों और अन्य कमजोर व्यक्तियों के लिए एक सुरक्षित स्थान होने के लिए सुरक्षा के सभी तीन स्तरों की आवश्यकता है। इस तरह के एक संगठन में, अपराधियों को छिपाया नहीं जाएगा, पीड़ितों को चुप रहने के लिए नहीं कहा जाएगा और सभी वयस्क इसे लागू करने के सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता बनाएंगे।

डॉ. डाय-लिको ने निष्कर्ष निकाला, "कलीसिया को कितना सुरक्षित होना चाहिए? अपने मॉडल के रूप में खुद में सुरक्षित : मसीह में सुरक्षित, जिसने बच्चों को अपने पास आने की अनुमति दी और जिन्होंने कहा कि जो कोई भी इन बच्चों को नाराज करता है, उनके गले में एक चक्की को बांध कर समुद्र में डालना चाहिए ...।

01 July 2020, 14:22