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संत पेत्रुस और संत पौलुस महागिरजाघऱ की आग को बुझाते हुए अग्निशमन कार्यकर्ता संत पेत्रुस और संत पौलुस महागिरजाघऱ की आग को बुझाते हुए अग्निशमन कार्यकर्ता   (AFP or licensors)

फ्रांस के नानटेस "गॉथिक महागिरजाघर" में आग दुर्घटना

फ्रांस में अभियोजकों का कहना है कि पश्चिमी फ्रांसीसी शहर नानटेस के लॉयर नदी के किनारे स्थित गोथिक महागिरजाघर में आग जानबूझ कर लगाई गई है। शहर के ऐतिहासिक केंद्र 15 वीं शताब्दी के संत पेत्रुस और संत पौलुस महागिरजाघऱ में अग्निशमन कार्यकर्ताओं के प्रयास से आग बुझाया गया।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

फ्रांस, सोमवार 20 जुलाई 2020 (वाटिकन न्यूज) : नानटेस में शनिवार को महागिरजाघर में आग लगने के मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। इसकी घोषणा फ्रांसीसी समाचार चैनल बीएफएम ने की थी। यह एक स्वयंसेवक है जिसे आग लगने के पहले दिन महागिरजाघर को बंद करने का काम सौपा गया था। जांचकर्ता फिलहाल उसकी स्थिति की जांच कर रहे हैं। महागिरजाघर के अभियोजक पियरे सन्नेस ने जोर देकर कहा कि आग लगने की घटना के लेकर उस व्यक्ति के बारे कोई भी व्याख्या या निर्णय लेना असंगत और जल्दबाजी में होगी।

सोशल मीडिया के ट्विटर पर एक बयान में, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रोन ने लिखा कि "नोट्रे-डेम के बाद, नानटेस के केंद्र में स्थित  संत पेत्रुस और संत पौलुस महागिरजाघर आग की लपटों में है। अग्निशामकों को हमारा समर्थन, जो शहर के इस गोथिक महागिरजाघर को बचाने के लिए सभी तरह के जोखिम उठाते हैं।”

हालांकि, अग्निशामकों ने पेरिस के नोट्रेडेम महागिरजाघर की तुलना में इस महागिरजाघर की आग को जल्द ही बुझा गिया। अप्रैल 2019 में नोट्रेडेम महागिरजाघर की प्रमुख छत और शिखर जल गए थे।

लेकिन नानटेस की आग ने 1972 में लगे भीषण आग के विनाशकारी धमाके की यादों को वापस ला दिया जो मध्ययुगीन स्मारक को खतरे में डाल दिया था।

नानटेस के मेयर जोहाना रोलैंड ने महागिरजाघर को फ्रांस के इतिहास और विरासत का भवन कहा। शनिवार के धमाके ने कांच की खिड़कियों को चकनाचूर कर दिया और उसके टावरों के बीच से काला धुआं उगल दिया।

स्थानीय अग्निशामकों ने कहा कि आग से छत प्रभावित नहीं हुई है, जो शनिवार को शुरू हुई थी। उन्होंने कहा कि ज्वाला को जल्द ही "नियंत्रण में कर लिया गया।"

अधिकारियों ने शनिवार को जांच शुरू कर दी कि कथित तौर पर इस ऐतिहासिक महागिरजाघर को क्यों जलाने और ध्वंस करने की कोशिश की गई थी।

हाल ही में नियुक्त किए गए फ्रांसीसी प्रधान मंत्री जीन कैस्टेक्स और फ्रांसीसी आंतरिक मंत्री गेराल्ड डार्मैनिन शनिवार देर रात साइट का दौरा किया।

धर्माध्यक्ष : सभी विश्वासी दुखित

फ्रांसीसी धर्माध्यक्षीय सम्मेलन ने एक बयान में कहा कि  अप्रैल 2019 में पेरिस में नोट्रे-डेम की आग के बाद और इसी महागिरजाघर में आग लगने के बाद देश के सभी काथलिकों को दुःख पहुँचा है। यह केवल धार्मिक धरोहर का एक हिस्सा नष्ट हो जाना नहीं है, लेकिन काथलिक आस्था को नुकसान पहुंचाने का प्रतीक भी है। यह उन सभी के दिलों को घायल करना है जिनके लिए ये इमारतें प्रार्थना की जगह हैं, आध्यात्मिक शरणस्थल और उनके विश्वास का संदर्भ बिंदु है।" फ्रांसीसी धर्माध्यक्षों ने नानटेस काथलिकों के समर्थन में प्रार्थना में शामिल होने के लिए पूरे देश के काथलिकों को आमंत्रित किया है।

20 July 2020, 13:29