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हैदराबाद में लॉकडाऊन से प्रभावित जनजीवन, तस्वीरः 10.07.2020 हैदराबाद में लॉकडाऊन से प्रभावित जनजीवन, तस्वीरः 10.07.2020  (AFP or licensors)

महामारी बाद उत्पन्न आर्थिक संकट को पार करने में कलीसिया मदद करे

जापान में निगाता के लिये नियुक्त धर्माध्यक्ष तथा दिव्य शब्द धर्मसमाजी पुरोहित फादर पौल दायसूके ने वाटिकन रेडियो से बातचीत में कहा कि कोविद-19 महामारी के बाद उत्पन्न आर्थिक संकट से उबरने में कलीसिया को मदद करनी चाहिये।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

हॉलैण्ड, शुक्रवार, 10 जुलाई 2020 (वाटिकन न्यूज़): जापान में निगाता के लिये नियुक्त धर्माध्यक्ष तथा दिव्य शब्द धर्मसमाजी पुरोहित फादर पौल दायसूके ने वाटिकन रेडियो से बातचीत में कहा कि कोविद-19 महामारी के बाद उत्पन्न आर्थिक संकट से उबरने में कलीसिया को मदद करनी चाहिये। उन्होंने कहा कि आर्थिक सुधारों को ऐसे नैतिक निवेश पर आधारित होना चाहिये जिनमें निर्धनों एवं पर्यावरण का शोषण न हों तथा उनकी उपेक्षा न की जाये।  

कलीसिया विकास में नैतिकता को सुनिश्चित्त करे

फादर पौल दायसूके ने कहा, "ऐसी स्थिति में जब दुनिया के तमाम देश और समुदाय निवेश, नवाचार, विकास और स्थिरता के माध्यम से अपनी बिखरती हुई अर्थव्यवस्थाओं को वापस लाने का प्रयास कर रहे हैं, कलीसिया की ज़िम्मेदारी है कि वह नेताओं और नीति-निर्माताओं का साथ दे और यह सुनिश्चित करे कि विकास उचित, टिकाऊ एवं न्यायसंगत हो।" उन्होंने कहा, "काथलिक अर्थशास्त्री उन निवेशों के खिलाफ चेतावनी दे रहे हैं जो फलदायी तो प्रतीत हो सकते हैं, लेकिन अनैतिक प्रथाओं तथा व्यक्तियों एवं पर्यावरण के शोषण पर आधारित हैं।"

अर्थशास्त्री फादर दायसूके

फादर दायसूके एक अर्थशास्त्री हैं, जो शांति, न्याय और सृष्टि की अखंडता के साथ-साथ प्रवासियों की वकालत के लिए जाने जाते हैं। सन् 2018 से वे जर्मनी के स्टाईलर बैंक की नैतिकता सम्बन्धी समिति के सदस्य हैं। यह बैंक दिव्य शब्द धर्मसमाज का नैतिक-पर्यावरणीय बैंक है जो मानवतावादी कार्यों के लिये नैतिक दृष्टि से अनुदान एकत्र करता है।  

नैतिकता में निवेश

नैतिकता में निवेश के अर्थ को समझाते हुए फादर दायसूके ने कहा, इसका अर्थ है "निवेश के माध्यम से अन्याय, मानव अधिकारों के उल्लंघन और पर्यावरण विनाश को रोकना।" उन्होंने कहा,  "ऐसा करने के लिए, हम अनैतिक व्यापार जैसे पर्यावरण के ह्रास, गर्भपात, भ्रूण अनुसंधान, सैन्य एवं शस्त्र उद्योग, या कुछ कंपनियों के काम करने के ग़लत तरीके, जैसे श्रम अधिकारों का उल्लंघन आदि में निवेश करने से बचते हैं।"

उन्होंने कहा कि नैतिकता में निवेश का दूसरा अर्थ है, उन नैतिक व्यवसायों, उत्पादों और सेवाओं को बढ़ावा देना जो लोगों को पर्यावरणीय लाभ और देखभाल प्रदान करते हैं, जैसे नवीकृत ऊर्जा, समान रोजगार के अवसर, स्थानीय समुदाय में निवेश, कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व, आदि। इस प्रकार, उन्होंने कहा कि निवेश उत्पादों के पोर्टफोलियो की जांच करना महत्वपूर्ण है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वास्तव में निवेश नैतिक व्यवसायों में हो रहा है अथवा नहीं।

कलीसिया की भूमिका

फादर दायसूके ने कहा, "कोरोनावायरस महामारी के कारण हुए पतन के बाद सम्पूर्ण विश्व आर्थिक सुधार के बारे में चिंतित है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि निपट निर्धनता से बचने के लिये  स्थिति को जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए। दूसरों का कहना है कि यह अर्थशास्त्र के एक नए रूप को शुरू करने का सुअवसर है। इस स्थिति में काथलिक कलीसिया मार्गदर्शन प्रदान कर सकती है।"

 

10 July 2020, 11:03