खोज

Vatican News
प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर   (AFP or licensors)

कार्डिनल ग्रसियस द्वारा कोविड-19 के शिकार शवों को जलाने की अपील

मुम्बई नगरपालिका के निर्देशों के अनुपालन में, मुम्बई के कार्डिनल ऑस्वल्ड ग्रेसियस ने अपने विश्वासियों से कहा है कि कोविड -19 से मरनेवालों के शव जलाये जाएँ।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

भारत, मंगलवार, 7 अप्रैल 2020 (वीएन)- कार्डिनल ऑस्वल्ड ग्रेसियस ने बुम्बई महाधर्मप्रांत के अपने पुरोहितों एवं विश्वासियों से अपील की है कि वे कोविड-19 से मरनेवालों के शव को दफनाने के बदले जलायें।

ऊका समाचार के अनुसार पिछले सप्ताह एक विडीयो संदेश प्रकाशित कर कार्डिनल ने काथलिकों से कहा कि वे मुम्बई के बृहन्मुंबई नगर निगम द्वारा जारी किए गए निर्देश (बी एम सी) का पालन करें और संक्रमण से मरने वालों लोगों के शव का दहन करें। महाधर्मप्रांत के प्रवक्ता फादर निगेल बैर्रेट ने भी इस बात की पुष्टि देते हुए कहा कि कार्डिनल ने लोगों को सरकार के प्रतिबंधों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी है, उदाहरण के लिए सामाजिक दूरी बनाये रखना और संक्रमण फैलने से रोकने के लिए साबून से बाम्बार हाथ धोना। महाधर्मप्रांत ने पुरोहितों को यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि अंत्येष्टि के दौरान पाँच व्यक्ति से अधिक न हों। मृत्यु और दहन की सूचना पुलस को दी जाए। बी एम सी विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार कार्य कर रही है जिसके अनुसार कोरोना वायरस के शिकार लोगों को दफनाये जाने से बीमारी के और अधिक फैलने का खतरा है जबकि शव जलाये जाने से खतरा नहीं है। उनका कहना है कि शव दहन का अधिक तापमान वायरस को मार डालता है और इसके द्वारा उसके फैलने का कोई खतरा नहीं होता।

 मुंबई के नगर निगम आयुक्त ने महामारी रोग अधिनियम 1897 के तहत सभी कोरोनावायरस पीड़ितों का दाह संस्कार करने का निर्देश जारी किया है। हालांकि, महाराष्ट्र के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री नवाब मलिक का विरोध करने पर निर्देश को वापस लिया गया। कुछ बाद एक नया आदेश जारी किया गया जिसमें कहा गया कि दफन विस्तृत जमीन पर हो ताकि वायरस से संक्रमण फैलने की कोई संभवना न हो। फादर बैर्रेट ने कहा कि उन परिवारों को ही दफन की अनुमति दी जायेगी जो विश्व स्वास्थ्य संगठन के निर्देशों का पालन करते हैं।

महाराष्ट्र जिसके अंदर मुम्बई आता है, कोविड -19 से अब तक संक्रमित होने के 891 मामले सामने आये हैं जबकि 52 लोगों की इससे मौत हो चुकी है जो भारत में सबसे बड़ी संख्या है। 7 अप्रैल की रिपोर्ट अनुसार भारत में कोविड-19 महामारी से कुल 4,858 लोग संक्रमित पाये गये हैं जिनमें से 382 चंगे हुए हैं और 133 की मौत हो चुकी है। विश्व भर में इस महामारी से 13,52,753 लोग संक्रमित हैं और 75,058 लोगों की मौत हो चुकी है।

संक्रमण फैलने से रोकने के लिए भारत सरकार ने 21 दिनों की ताला बंदी की घोषणा की है जो 14 अप्रैल तक जारी रहेगा। ताला बंदी के मद्देनजर कार्डिनल ग्रेसियस ने अपने विश्वासियों को सलाह दी है कि वे इन दिनों कलीसियाई कार्यक्रमों में भाग न लें। उन्होंने महाधर्मप्रांत के काथलिकों से आग्रह किया है कि वे लॉक डाऊन के कारण अपनी पल्लियों में पलायन कर बाहर से काम करने आये लोगों की जरूरतों के प्रति अपनी आँख और कान खुली रखें और उनकी मदद करें। कार्डिनल ने अकेले रह रहे बुजूर्गों की याद कर लघु ख्रीस्तीय समुदाय से आग्रह किया है कि वे इस ताला बंदी के दौरान उनकी आवश्यक मदद करें।

07 April 2020, 16:06