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"आशा का कुँआ" डॉक्युमेंटरी "आशा का कुँआ" डॉक्युमेंटरी 

मानव तस्करी से लड़ने में ख्रीस्तीय व मुस्लिम एक साथ

"आशा का कुँआ" शीर्षक डॉक्यूमेंटरी को शुक्रवार को रोम में प्रकाशित किया गया। डॉक्यूमेंटरी में युद्ध से प्रभावित मध्यपूर्वी देशों में मानव तस्करी के शिकार लोगों की मदद कर रहे विभिन्न धर्मों की महिलाओं के कार्यों को बयाँ किया गया है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शनिवार, 22 फरवरी 2020 (रेई)˸औरोरा विजन द्वारा निर्मित एवं जर्डन में फिल्माये गये डॉक्युमेंटरी "आशा का कुँआ" को मानव तस्करी के खिलाफ धर्मबहनों के विश्वव्यापी संगठन "तालिथा कुम" के द्वारा प्रस्तुत किया गया। संगठन की स्थापना धर्मसमाजों की परमाधिकारिणीयों के अंतरराष्ट्रीय संघ के द्वारा की गयी है। 

फिल्म में सीरिया की एक लड़की शाईमा की कहानी बतलायी गयी है जो युद्ध के कारण अपने देश से भागने की कोशिश करती है ताकि अपनी आशा को बनाये रख सके, जबकि उसके जीवन का अंत अत्यधिक क्रूरता के साथ कर दिया जाता है।

तालिथा कुम की संयोजिका सिस्टर गाब्रिएला बोत्तानी ने वाटिकन रेडियो को बतलाया कि वे औरोरा विजन से सम्पर्क की, जो एक गैर-लाभकारी संचार संगठन है, जो शांति, संवाद और आशा का एक सकारात्मक संदेश फैलाने के लिए प्रतिबद्ध है, क्योंकि वे मानती हैं कि मानव तस्करी के खिलाफ तालिथा कुम की अथक लड़ाई में कोई कसर नहीं छोड़ी जानी है।

एक अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव क्षेत्र में प्रकट होना, तालिथा कुम का मानव तस्करी को दूर करने, पीड़ितों को बचाने एवं उनकी रक्षा करने, उन्हें चंगाई पाने एवं समाज में एकीकृत होने में मदद देने हेतु संघर्ष का एक दूसरा हथियार है।

 

22 February 2020, 17:39