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Vatican News
तुर्की की सीमा पर सिरिया के आलेप्पे के परिसर में एक शरणीर्थी शिविर के बाहर, 20.02.2020 तुर्की की सीमा पर सिरिया के आलेप्पे के परिसर में एक शरणीर्थी शिविर के बाहर, 20.02.2020  (AFP or licensors)

युद्ध के बावजूद सिरिया की कलीसिया कायम

सिरिया में सेवारत, दमिश्क के मारोनी रीति के काथलिक महाधर्माध्यक्ष समीर नासार ने वाटिकन न्यूज़ को दी एक भेंटवार्ता में कहा कि युद्ध के बावजूद सिरिया की काथलिक कलीसिया कायम है। उन्होंने युद्धग्रस्त सिरिया में काथलिक कलीसिया की उपस्थिति को अत्यधिक महत्वपूर्ण बताया जहाँ सैकड़ों हज़ारों लोग मारे गये हैं तथा लाखों लोग अन्यत्र पलायन के लिये बाध्य हुए हैं।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

सिरिया, शुक्रवार, 21 फरवरी 2020 (रेई, वाटिकन रेडियो): सिरिया में सेवारत, दमिश्क के मारोनी रीति के काथलिक महाधर्माध्यक्ष समीर नासार ने वाटिकन न्यूज़ को दी एक भेंटवार्ता में कहा कि युद्ध के बावजूद सिरिया की काथलिक कलीसिया कायम है। उन्होंने युद्धग्रस्त सिरिया में काथलिक कलीसिया की उपस्थिति को अत्यधिक महत्वपूर्ण बताया जहाँ सैकड़ों हज़ारों लोग मारे गये हैं तथा लाखों लोग अन्यत्र पलायन के लिये बाध्य हुए हैं।   

2011 में राष्ट्रपति असद के शासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के रूप में शुरु हुई लड़ाई सीरिया सरकार और सरकार विरोधी विद्रोही समूहों के बीच युद्ध में परिणत हो गई और विगत नौ वर्षों से जारी है।

कलीसिया की उपस्थिति

महाधर्माध्यक्ष नासार ने कहा कि हिंसा और युद्ध के बीच ख्रीस्तीयों एवं मुसलमानों के बीच सम्वाद को प्रोत्साहित करने तथा मानवतावादी मदद देने के लिये काथलिक कलीसिया की पस्थिति नितान्त आवश्यक है। उन्होंने बताया कि सिरिया में काथलिक कलीसिया का इतिहास प्राचीन है। युद्ध से पूर्व सिरिया में 33,000 से अधिक काथलिक गिरजाघर हुआ करते थे, जिनकी संख्या अब कम होकर केवल कुछ सैकड़ों रह गई है। तथापि, उन्होंने कहा, सिरियाई धर्माध्यक्ष, पुरोहित एवं धर्मसंघी अभी भी लोकोपकारी सेवाओं द्वारा लोगों की मदद कर रहे हैं तथा वार्ताओं द्वारा लोगों के बीच शांति कायम रखने का प्रयास कर रहे हैं।    

21 February 2020, 11:28