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नाईजीरिया के ख्रीस्तीय नाईजीरिया के ख्रीस्तीय  (AFP or licensors)

राखबुध ˸ नाईजीरियाई काथलिकों द्वारा हिंसा का विरोध

नाईजीरिया के काथलिक धर्माध्यक्षों ने विश्वासियों से आह्वान किया है कि वे अपहरण एवं अन्य हिंसक घटनाओं के शिकार लोगों के प्रति सहानुभूति प्रकट करते हुए काले वस्त्र या कम से कम काले बैंड धारण करें।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

नाईजीरिया, मंगलवार, 25 फरवरी 2020 (वीएन)˸ नाईजीरिया के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के अध्यक्ष महाधर्माध्यक्ष अगुस्टीन अकुबेज़े ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि विश्वासियों को आमंत्रित किया जाता है कि वे चालीसा काल की शुरूआत, देश में असुरक्षा की स्थिति के विरूद्ध प्रदर्शन करते हुए, एक दिवसीय प्रार्थना जुलूस में भाग लेकर करें। 

धर्माध्यक्षों के इस आह्वान को राखबुध के दिन हर पल्ली में पढ़कर सुनाया जाएगा जिसमें जुलूस को कलीसिया की नैतिक जिम्मेदारी कही गयी है।

राखबुध के दिन जो जुलूस की जायेगी, वह "बोको हराम विद्रोहियों द्वारा ख्रीस्तियों पर बार-बार की गई बर्बर हमलों और उसी समूह से जुड़े, फिरौती मांगने के लिए अपहरण के लगातार मामलों का विरोध प्रदर्शन है।"

बयान में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर इन अपराधों के अपराधियों द्वारा कई समुदायों को लगातार खतरों और सरकार द्वारा अपराधियों की गिरफ्तारी की कमी के कारण सार्वजनिक प्रदर्शन का आह्वान किया गया है।

शांति का अभाव/सुरक्षा के बिना विकास

शांति की अनिवार्यता पर जोर देते हुए वक्तव्य में कहा गया है कि "हम नाईजीरिया की सरकार के सभी बलों एवं जिनको नाईजीरिया की रक्षा करने की जिम्मेदारी है उनको हम पुनः याद दिलाते हैं कि सुरक्षा के बिना शांति नहीं आ सकती और शांति के बिना किसी तरह की तरक्की या राष्ट्रीय विकास असंभव है।"  

धर्माध्यक्षों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी अपील की है कि वे देश में सुरक्षा एवं स्थिरता स्थापित करने के लिए नाईजीरियाई सरकार की मदद करें।

नाईजीरिया बोको हराम से लगातार संघर्ष कर रहा है जिसने 2014 में उत्तरी नाईजीरिया के किबोक स्थित माध्यमिक विद्यालय की बालिकाओं का अपहरण किया था। हाल के दिनों में, इस समूह से जुड़े स्थानीय समुदायों के खिलाफ अपहरण और हिंसा के कई मामले सामने आए हैं।

 

25 February 2020, 16:14