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बुलगारिया के शरणार्थी बच्चों के साथ संत पापा बुलगारिया के शरणार्थी बच्चों के साथ संत पापा 

लक्समबर्ग दवारा लेस्बोस के दो प्रवासी परिवारों का स्वागत

लक्समबर्ग के महाधर्माध्यक्ष और कार्डिनल जोन-क्लाउड होलरिच ने लेस्बोस के शिविरों से कुवैती और सीरियाई शरणार्थियों का स्वागत किया। ग्रैंड डची की काथलिक कलीसिया उनकी जरूरतों को पूरा करेगी। पिछले मई कार्डिनल क्रेजवस्की ने संत पापा फ्राँसिस के नक्शेकदम पर चलते हुए ग्रीक द्वीप पर एक मिशन का नेतृत्व किया।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

लक्समबर्ग, बुधवार 20 नवम्बर 2019 (वाटिकन न्यूज) : प्रवासियों के लिए कलीसिया की चिंता है, विशेष रूप से जो लेस्बोस में शरणार्थी हैं। लेस्बोस के दो शरणार्थी परिवार मंगलवार 19 नवम्बर को लक्समबर्ग के हवाई अड्डे पर पहुंचे थे। कार्डिनल जोन-क्लाउड होलरिच के नेतृत्व में महाधर्मप्रांत द्वारा इन दो परिवारों की देखभाल की जाएगी।

लेस्बोस में मिशन

पिछले मई में, संत पापा फ्राँसिस के नक्शेकदम पर चलते हुए, कार्डिनल होलरिच और कार्डिनल कोनराड क्रेजवस्की ने लेस्बोस के दौरे पर वाटिकन प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। वे संत इजीदियो समुदाय और अभिन्न मानव विकास हेतु गठित परमधर्मपीठ से संलग्न प्रवासी और शरणार्थियों के विभाग से थे। वे अपने साथ संत पापा की एकजुटता को द्वीप के प्रवासियों के पास ले आए। समुद्र का वह क्षेत्र ग्रीस को तुर्की से अलग करता है। छह महीने पहले अफगान, इराक, ईरान, सीरिया, कुवैत और उत्तर अफ्रीका के करीब 7,000 शरणार्थी थे।

कुवैत और सीरिया मूल के परिवार

लक्समबर्ग की ग्रैंड डची, में 600,000 से अधिक निवासी हैं। लक्समबर्ग महाधर्मप्रांत के मुख्यालय ने मंगलवार को दो परिवारों का स्वागत किया। कार्डिनल होलरिच ने कलीसिया के मानवीय गलियारे और ग्रीस के स्थानीय अधिकारियों को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।

लक्समबर्ग हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद दोनों परिवार कार्डिनल होलेरिच के निवास स्थान गये और दोपहर का भोजन किया। एक परिवार कुवैत से है जिसमें माता-पिता तथा 8 और 5 वर्ष के दो बच्चे हैं। दूसरा परिवार सीरिया से है जिसमें माता-पिता और 2 वर्ष के जुड़वां बच्चे हैं। उन्हें एक शरणार्थी केंद्र के लिए 10-12 दिनों के लिए रखा गया है। वहाँ लक्समबर्ग के अधिकारियों द्वारा आवश्यक चिकित्सा और प्रशासनिक औपचारिकताओं को पूरा किया जाएगा। फिर वे अपने आवास पर जाएंगे और दो साल के लिए, लक्समबर्ग काथलिक कलीसिया द्वारा उनकी जरूरतों को पूरा किया जाएगा।

20 November 2019, 15:58