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थाईलैंड, म्यांमार और कंबोडिया के प्रेरितिक राजदूत धर्माध्यक्ष पॉल चांग-इन-नाम थाईलैंड, म्यांमार और कंबोडिया के प्रेरितिक राजदूत धर्माध्यक्ष पॉल चांग-इन-नाम  

संत पापा की यात्रा थाई मिशन को बढ़ावा देगी, धर्माध्यक्ष चांग

संत पापा की प्रेरितिक यात्रा 20 से 23 नवंबर तक थाईलैंड में है। प्रेरितिक राजदूत के अनुसार “संत पापा हमें सच्चे मानवीय मूल्यों के लिए सक्षम समाज बनाने हेतु प्रेरित करने के लिए आ रहे हैं। स्थानीय आबादी संत पापा के शांति, दया और सद्भाव संदेश को सुनने के लिए आतुर है। संत पापा को केवल काथलिक कलीसिया के प्रमुख के रूप में नहीं बल्कि सभी मानवता के लिए एक आध्यात्मिक नेता के रूप में देखा जाता है।”

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

बैंकॉक,बुधवार 06 नवम्बर 2019 (एशिया न्यूज) : “संत पापा फ्राँसिस की आगामी प्रेरितिक यात्रा थाईलैंड में 20 से 23 नवंबर तक है। यह "स्थानीय कलीसिया को प्रभु के प्रचार के शुरुआती कार्यों के लिए धन्यवाद देने का एक अनुकूल अवसर प्रदान करेगी। यह यात्रा "काथलिकों को मिशनरियों के आदर्शों पर चलने के लिए प्रोत्साहित करेगी और वचन घोषणा हेतु बुलाहट को फिर से शुरू करेगी।" उक्त बात थाईलैंड, म्यांमार और कंबोडिया के लिए प्रेरितिक राजदूत और लाओस के प्रेरितिक प्रतिनिधि धर्माध्यक्ष पॉल चांग-इन-नाम ने कहा।

धर्माध्यक्ष पॉल ने कहा कि “कई वर्षों से, थाईलैंड के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन देश में संत पापा को आमंत्रित करना चाहते थे। इस साल, हमारी इच्छा हकीकत में बदल गई है। 2019 की शुरुआत में, मुझे अपने वरिष्ठ अधिकारियों से संत पापा की थाईलैंड यात्रा के बारे में पहला निर्देश प्राप्त हुआ, तभी से हम सभी उनके आगमन को लेकर बहुत ही उत्साहित हैं।”

थाईलैंड में वर्तमान वातावरण "बहुत सकारात्मक" है और थाईलैंड के लोग संत पापा फ्राँसिस के आगमन के बारे में उत्साहित हैं। 1984 में, संत पापा जॉन पॉल द्वितीय को प्रेरितिक यात्रा के दौरान कट्टरपंथी बौद्ध समूहों के विरोध का सामना करना पड़ा था। राजा राम नवें  को इस विरोध को शांत करने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा। थाईलैंड के राजा ने संत पापा को अपना 'व्यक्तिगत अतिथि' कहा और विरोध को समाप्त करने की आज्ञा दी।

धर्माध्यक्ष पॉल ने कहा,“इस बार, संत पापा फ्रांसिस की यात्रा की घोषणा से कोई नकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं हुई है। संत पापा फ्राँसिस को अब केवल काथलिक कलीसिया के प्रमुख के रूप में नहीं देखा जाता है, बल्कि मानवता के लिए एक आध्यात्मिक नेता के रूप में देखा जाता है। थाईवासियों के बीच उम्मीदें अधिक हैं। उनकी आशा है कि संत पापा थाईलैंड में शांति, दया और सद्भाव का संदेश भी देंगे।”

देश में लगभग 90 प्रतिशत आबादी बौद्ध है और 0.58 प्रतिशत याने 390,000 काथलिक हैं। काथलिकों के लिए 2019 एक यादगार वर्ष होगा। "इस वर्ष, स्थानीय कलीसिया 1669 में सियाम धर्मप्रांत की स्थापना की 350वीं वर्षगांठ मना रही है।" थाई काथलिकों ने इस महान ऐतिहासिक घटना का आदर्श वाक्य “मसीह के शिष्य, मिशनरी प्रेरित” को चुनकर चिह्नित किया और इस आदर्श वाक्य का उपयोग संत पापा फ्राँसिस की प्रेरितिक यात्रा के लिए भी किया जाएगा।”

06 November 2019, 16:50