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कजाकिस्तान के धर्माध्यक्षों से मुलाकात करते संत पापा फ्राँसिस कजाकिस्तान के धर्माध्यक्षों से मुलाकात करते संत पापा फ्राँसिस  (ANSA)

असाधारण मिशनरी माह, कजाकिस्तान की कलीसिया के लिए नवीनीकरण

पूर्व सोवियत गणराज्य के कजाकिस्तान में, जहां काथलिक आबादी का सिर्फ 1 फीसदी है, असाधारण मिशनरी महीना (अक्टूबर) के दौरान कलीसिया ने एक नये जीवन का अनुभव किया है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 29 अक्टूबर 2019 (रेई)˸ फादर लेओपोल्द क्रोपफ्रिएतर ने कहा कि कजाकिस्तान की छोटी काथलिक कलीसिया ने असाधारण मिशनरी माह अक्टूबर में अपने मनोभाव एवं लोगों की सेवा द्वारा ख्रीस्त का साक्ष्य देने को नवीकृत किया है।

येसु और मरियम के सेवकों के धर्मासमाज के ऑस्ट्रेलियाई पुरोहित 2008 में मध्य एशिया रिपब्लिक के मिशनरी थे। इस समय वे नूर सुलतान के असताना महाधर्मप्रांत में अपनी सेवा दे रहे हैं।

सोवियत संघ की विरासत

मुस्लिम बहुल देश होने के बावजूद कजाकिस्तान में 19वीं सदी में ख्रीस्तियों की संख्या में वृद्धि हुई जब रूसी तस्करों के द्वारा लिथुआनियाई, बेलारियन, यूक्रेनी और रूसियों को कजाख मैदान की ओर को निर्वासित किया गया।

सोवियत शासन के समय नास्तिकता राज्य की आधिकारिक विचारधारा और सिद्धांत बन गई और मौजूदा धर्मों का उन्मूलन एक उद्देश्य बन गया था। इसने 30 और 40 के दशक में स्टालिन के तहत सोवियत श्रम शिविरों में हजारों लोगों के साथ कजाकिस्तान के ख्रीस्तियों को नई गति प्रदान की।

असताना के महाधर्माध्यक्ष तोमाज पेता के अनुसार सन् 1991 में सोवियत संघ के पतन के बाद, एक बड़ी संख्या में निर्वासित अपने देश और अपने घर लौटे। करीब चार मिलियन आप्रवासी लोग भी आये। उनमें से कुल 5,00,000 लोग काथलिक थे।

आज देश में 18 मिलियन आबादी में से 70 प्रतिशत लोग इस्लाम धर्म को मानते हैं जबकि ख्रीस्तियों की संख्या 26 प्रतिशत है जिनमें से अधिकतर रूसी ऑर्थोडॉक्स ख्रीस्तीय हैं। अन्य धर्मों को मानने वालों में कुछ बौद्ध लोग भी हैं।

काथलिकों की संख्या केवल एक प्रतिशत है जिनमें से अधिकांश पोलैंड, जर्मनी और लितवानिया के हैं।

मिशनरी महीना- नया जीवन

फादर क्रोपफ्रेएतर के अनुसार स्थायी काथलिक समुदाय अब नया जीवन को महसूस कर रहा है, संतों के जीवन पर पुनः गौर कर रहा है एवं देश की सांस्कृतिक परम्परा की ओर ध्यान दे रहा है। मिशनरी यदि लोगों के हृदय में बोलना चाहते हैं तो उन्हें इस बातों को सीखना होगा। उन्होंने एशियान्यूज को बतलाया कि यही कारण है कि असाधारण मिशनरी महीना मध्य एशिया की कलीसिया के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।  

मिशनरी महीना के अंत में फादर क्रोपफ्रेएतर ने कहा कि कजाकिस्तान की कलीसिया चार चीजों पर अधिक जोर दी, जिसको संत पापा फ्राँसिस ने करने का आह्वान किया था, येसु ख्रीस्त के साथ उनकी कलीसिया में व्यक्तिगत मुलाकात, मिशनरी साक्ष्य, मिशनरी प्रशिक्षण एवं मिशनरी उदारता के कार्य।

संत तेरेसा – एक आदर्श मिशनरी

मिशनरी महीना की एक बड़ी घटना रही, पावलोदार स्थित बालक येसु की छोटी संत तेरेसा के तीर्थस्थल की तीर्थयात्रा। संत पापा पियुस 11वें ने सन् 1927 में संत तेरेसा एवं संत फ्राँसिस जेवियर को मिशनरियों के संरक्षक घोषित किये थे। फादर क्रोपफ्रिएतर ने बतलाया कि संत तेरेसा तीर्थयात्रा के दौरान एकिबास्तुस और शलबकती में भी पड़ाव डाला गया जहाँ उनकी मुलाकात कई मिशनरियों एवं काथलिकों से हुई जिनके जीवन की कहानी और साक्ष्य उनके लिए अत्यन्त प्रेरणादायक है।  

तीर्थयात्रा का समापन असताना में महाधर्माध्यक्ष पेता के द्वारा ख्रीस्तयाग से हुआ। कजाख, रूसी, यूक्रेनी, जर्मन और पोलिश लोगों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया। फादर क्रोपफ्रेएतर के अनुसार इस कार्यक्रम में विश्वव्यापी और काथलिक कलीसिया की झलक दिखाई पड़ी।

कजाख कलीसिया

सोवियत शासन के दौरान भी ख्रीस्तियों ने अपने विश्वास को जीवित रखा। वे चुपचाप अपने घरों में जमा होते थे। महाधर्माध्यक्ष पेता के अनुसार, "सोवियत शासन के वर्षों में जब काथलिक गिरजाघरों, पुरोहितों और संस्कारों के बिना जीने के लिए मजबूर किये जाते थे तब काथलिकों ने रोजरी माला विन्ती को आठवें संस्कार का रूप दे दिया था। सोवियत अत्याचार के दौरान वे अपने बच्चों को केवल बपतिस्मा संस्कार दे सकते थे और रोजरी विन्ती कर सकते थे। रोजरी माला विन्ती ने ही उनके लिए धर्मगुरूओं की कमी पूरी की।  

सन् 1978 में सरकार ने शासन में ढील प्रदान की और लोग खुले रूप में अपने विश्वास को व्यक्त करने लगे। सोवियत संघ के पतन के बाद कजाकिस्तान की कलीसिया का पुनरूद्धार हुआ और काथलिकों ने अपने विश्वास को प्रकट करने में स्वतंत्रता महसूस की।

संत पापा जॉन पौल द्वितीय ने 13 अप्रैल 1991 में कजाकिस्तान का प्रेरितिक प्रशासक नियुक्त किया, जिसके शासन मध्य एशिया का क्षेत्र आता है। कजाकिस्तान और परमधर्मपीठ के बीच कूटनीतिक संबंध 1994 में स्थापित की गयी।

29 October 2019, 16:47