खोज

Vatican News
संत जॉन बर्कमन्स इंडर कॉलेज मुंडली तीनपहाड़ पर हमला संत जॉन बर्कमन्स इंडर कॉलेज मुंडली तीनपहाड़ पर हमला 

जेस्विट स्कूल पर हमले का विरोध, सरकार से मांग

साहेबगंज के निकट संत जॉन बर्कमन्स इंडर कॉलेज मुंडली तीनपहाड़ में 3 सितम्बर को हुए घातक हमले का काथलिक कलीसिया ने कड़ा विरोध किया है तथा सरकार से मांग की है कि इसकी क्षति पूर्ती की जाए एवं अपराधियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

झारखंड, सोमवार, 16 सितम्बर 2019 (वाटिकन रेडियो हिन्दी)˸ झारखण्ड राज्य में जेसुइट धर्मसमाजियों द्वारा संचालित सन्त जॉन बर्कमन्स इन्टर कॉलेज एवं छात्रावास पर विगत सप्ताह कम से कम 500 हिन्दू चरमपंथियों ने हमला कर जमकर तोड़फोड़ की थी।

हमले के विरोध में 16 सितम्बर को जिला भर के जेस्विट स्कूलों के विद्यार्थियों ने मौन जुलूस में भाग लिया तथा अपनी मांगों को सरकार के सामना रखा।

रांची महाधर्मप्रांत के सहायक धर्माध्यक्ष ने 13 सितम्बर को दिए अपने एक साक्षात्कार में वाटिकन रेडियो से कहा, "जो सरकारी अधिकारी हैं जिनकी जिम्मेदारी है कानून और व्यवस्था को देखने की उनसे सिर्फ इतना पूछना चाहता हूँ कि क्या आप लोग "मोब कलचर" पर नियंत्रण नहीं कर सकते हैं या नियंत्रण करना ही नहीं चाहते हैं। कोई किसी की पीटाई करता या किसी को मार देता है...तो क्या सरकार के पास इसे रोकने की शक्ति नहीं है?"  

उन्होंने कहा कि "प्रकृति का एक नियम है आज अगर हम किसी उग्र भीड़ को किसी पर हमला करने कह दें, तो कल हो सकता है कि वह भीड़ हमारे पीछे पड़ जायेगी। नफरत फैलने के बाद उसे मुट्ठी में वापस बंदकर नहीं रखा जा सकता, क्योंकि नफरत एक ऐसी चीज है जो जितनी दूर जाती है उतनी ही अधिक नुकसान करती है। सभी लोगों का नुकसान करने के बाद वह हमारा भी नुकसान कर डालती है। राजनीतिक नेता चाहे वह पक्ष का हो अथवा विपक्ष का, जो नफरत फैलाने का काम करता है उसे याद रखना चाहिए कि नफरत फैलाने वाले को नफरत ही खत्म कर देगी।"

उन्होंने हमला के प्रति सहानुभूति दिखलाते हुए कहा कि आज उन्हें इसका सामना करना पड़ रहा है किन्तु नहीं जानते कि कल किस पर हमला होगा।

अतः उन्होंने कलीसिया के सभी विश्वासियों से कहा है कि वे प्रभु येसु पर विश्वास बनाये रखें क्योंकि "प्रभु येसु ने कहा है, डरो मत, क्योंकि जो प्रभु पर विश्वास रखते हैं वे किसी चीज से नहीं डरते, अतः हमें भी नहीं डरना चाहिए। हम न केवल ईसाई बल्कि यदि पूरे झारखंड के लोग यदि निडर होकर जीयेंगे और बिना डर काम करेंगे, बिना भय एक-दूसरे को प्यार करते रहेंगे, तब डर हम पर हावी नहीं होगा और हम सिर्फ प्यार से आगे बढ़ेंगे।"

सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया

इस बीच सोशल मीडिया पर कई लोगों ने प्रतिक्रिया व्यक्ति की है। उन्होंने स्कूल पर हुए हमले और उग्र भीड़ द्वारा देशभर में किये जा रहे हमलों पर चिंता जतायी है।

पीटर टी वी ने लिखा है, "यह दुःखद है कि इस तरह की गतिविधियाँ हमारे प्यारे देश में हो रही हैं और देश की छवि को धूमिल की जा रही हैं। उम्मीद है कि राज्य और केंद्र दोनों सरकारें अपराधियों को दण्ड देने की कोशिश करेंगी ताकि इस तरह की घटनाएँ न दुहरायी जाएँ।"  

जोसेफ लोबो ने लिखा है, "मैं हैरान हूँ कि यह घटना शिक्षा के मंदिर में घटी है जिसे भारत में हेडलाईन नहीं बनाया गया है। इस तरह की घटनाएँ धर्मनिर्पेक्ष भारत के लिए कलंक हैं। अत्यन्त शर्म की बात है।"

रेखा कुरोपा ने लिखा है, "किस तरह योजनावद्ध तरीके से विभिन्न हिस्सों में हमारी संस्थाओं पर तबाही मचायी जा रही है, बहुत परेशान करने वाली है। इसका सामना किस तरह किया जाए इसपर हमें गंभीरता से सोचना जरूरी है।"  

स्कूल पर हमला करने वालों में से अब तक किया को गिरफ्तार नहीं किया गया है। इस पर भी लोगों ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कुलाकान्त देदसेन ने लिखा है, "यह बहुत अधिक हैरान करने वाला है कि किसी को गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है। हो सकता है अपराधियों को बुक किया गया था।"

वहीं विवियन अन्ड्रू पेरेइरा ने काथलिक कलीसिया के अधिकारियों पर सवाल उठाते हुए लिखा है, "काथलिक कलीसिया के अधिकारी कब तक इन घटनाओं पर सोते रहेंगे?"

16 September 2019, 17:06