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अप्रवासी बच्चों के निमय का विरोध अप्रवासी बच्चों के निमय का विरोध  (AFP or licensors)

अप्रवासी बच्चों की सुरक्षा के कमजोर नियमों की निंदा

संयुक्त राज्य अमेरीका के धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के अध्यक्ष ने अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी द्वारा अप्रवासी बच्चों की देखभाल और हिरासत से संबंधित नियम में परिवर्तन की निंदा की।

दिलीप संजय एक्का-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, सोमवार, 26 अगस्त 2019 (रेई) संयुक्त राज्य सरकार ने पिछले हफ्ते एक समझौते को निरस्त करने की घोषणा की जो अप्रवासी बच्चों की सुरक्षा करने और उन्हें सीमित अवधि से अधिक समय तक हिरासत में रहने की सुविधा प्रदान करता था।

फ्लोर्स सेटलमेंट एग्रीमेंट

फ्लोर्स सेटलमेंट एग्रीमेंट उन अप्रवासी बच्चों की देखभाल, हिरासत और रिहाई के संबंध में मूलभूत सिद्धांतों और महत्वपूर्ण सुरक्षा को निर्धारित करता है जो संघीय हिरासत में हैं। इनमें यह शामिल है कि उन्हें कम से कम प्रतिबंधात्मक और बाल सेवा हेतु लाइसेंस प्राप्त सुविधापूर्ण वातवरण में रखा जाये, साथ ही उन्हें जितनी जल्दी हो सके मुक्त किया जाये आमतौर पर 20 दिनों के बाद।

होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के नियम

अमेरीकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग और स्वास्थ्य और मानव सेवा विभाग द्वारा प्रकाशित नए नियम के अनुसार, सरकार अप्रवासी बच्चों को अनिश्चित काल के लिए अपने माता-पिता के साथ रख सकती है। सरकार उन नियमों और शर्तों को निर्धारित करने का अधिकार भी रखती है जिनके तहत उन्हें हिरासत में रखा गया है।

अमेरीकी धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के धर्माध्यक्षों की प्रतिक्रिया

अमेरीकी धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के अध्यक्ष, टेक्सास के धर्माध्यक्ष जोय वास्क्यूज़ ने अपने एक बयान में कहा कि नया नियम संघीय हिरासत में आप्रवासी बच्चों के लिए मौजूदा फ्लोर्स समझौते की सुरक्षा को न्यूतम कर देगा जो "अप्रवासी बच्चों के लिए दिल तोड़ने वाले परिणाम" होंगे।

नियम "गैर-कानूनी और अमानवीय"

नए नियम को "गैर-कानूनी और अमानवीय" दोनों रूपों में वर्णित करते हुए, धर्माध्यक्ष वास्क्यूज़ ने कहा, "यह संघीय हिरासत में आप्रवासी बच्चों के कल्याण और मानवीय उपचार को खतरे में डालेगा और लंबे समय तक परिवार से अलग रहने वाले बच्चों को लंबे समय तक इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा।

अमेरीकी बाल रोग एकेडमी के अनुसार इसका परिणामों बच्चों के विकास में देरी, अभिघातजन्य तनाव विकार, व्यवहार संबंधी समस्याएं, चिंता, अवसाद और यहां तक कि आत्महत्या जैसी समास्याएँ उत्पन्न करेगा। “अनगिनत बच्चों को इस नए नियम से बहुत नुकसान होगा”, धर्माध्यक्ष ने कहा, “यह स्वीकार्य नहीं है।”

26 August 2019, 17:08