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बेनेजुएला के धर्माध्यक्ष जोश लुइस अज़ुवाजे आयाला बेनेजुएला के धर्माध्यक्ष जोश लुइस अज़ुवाजे आयाला  

एक अवैध शासक द्वारा बेनेजुएला का शासन, महाधर्माध्यक्ष

बेनेजुएला के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन ने देश के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के गैर-कानूनी शासन के लिए उनकी निंदा की है। इस शासन के परिणाम स्वरूप 6 मिलियन लोगों को मानवीय सहायता की आवश्यकता है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

बेनेजुएला, मंगलवार, 16 जुलाई 2019 (रेई)˸ बेनेजुएला के धर्माध्यक्षों ने देश के पीड़ित जनता के लिए अपना संघर्ष जारी रखा है।

संत पापा फ्राँसिस ने रविवार को देवदूत प्रार्थना के उपरांत, अपील जारी की थी कि वर्तमान संकट के समाधान हेतु दोनों दल एक साथ वार्ता करें। उन्होंने बेनेजुएला के लिए प्रार्थना की भी अपील की थी।

बाहर निकलने का रास्ता

वाटिकन न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में माराकैबो के महाधर्माध्यक्ष जोश लुइस अज़ुवाजे आयाला ने कहा कि बेनेजुएला के धर्माध्यक्ष अपने लोगों के समर्थन में कहे गये संत पापा के शब्दों की सराहना करते हैं। उन्होंने कहा "किन्तु कई लोगों को  अवास्तविक उम्मीद है जो सोचते हैं कि संत पापा को उन बातों को नहीं जिनको उन्होंने कहा है बल्कि उन बातों पर लगातार जोर देना चाहिए जिन्हें लोग चाहते हैं।"  

महाधर्माध्यक्ष ने कहा कि एक धार्मिक नेता एवं वाटिकन सिटी राज्य के शीर्ष के रूप में उन्होंने जो कहा है और पीड़ित लोगों के लिए अपनी सहानुभूति प्रकट की है अतः संत पापा फ्राँसिस का बेनेजुएला के साथ संबंध अत्यन्त सम्मान पूर्ण होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि देश में एक चरमपंथी दल को उम्मीद है कि राजनीतिक संकट को हल करने के लिए एक बाहरी ताकत आएगी, चाहे वह संयुक्त राज्य अमेरिका के सैन्य हस्तक्षेप द्वारा या कोई "मसीहा" के नेतृत्व में।

महाधर्माध्यक्ष ने कहा कि यह सही समाधान नहीं है। आगे बढ़ने का सरल रास्ता है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सहयोग द्वारा बेनेजुएला अपनी गंभीर समस्या का समाधान करे।

अधिक सहायता की आवश्यकता

अप्रैल में, निकोलस मादुरो ने बड़े पैमाने पर भोजन और स्वास्थ्य की कमी को दूर करने के लिए रेड क्रॉस को मानवीय सहायता आयात करने देने के लिए सहमति व्यक्त की थी। उन्होंने कहा कि रेड क्रॉस द्वारा दी गई मदद, हालांकि सराहनीय है किन्तु, "बेहद सीमित" है और आबादी के केवल एक छोटे हिस्से तक पहुंचती है।

देश के करीब 6 मिलियन लोगों को भोजन, औषधि और स्वास्थ्य देखभाल की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमें और अधिक एवं बेहतर सहायता की आवश्यकता है।

बेनेजुएला के धर्माध्यक्षों की ओर से उन्होंने "निकोलस मादुरो के शासन की अक्षमता” की आलोचना की। उन्होंने कहा, मराकाइबो में बिजली हर 5-6 घंटे में कट जाती है। पानी का भी अभाव है।  

सरकार केवल समास्याओं को छिपाने का प्रयास करती है और पूरी तरह से देश पर राजनीतिक एवं वैचारिक नियंत्रण बनाए रखने पर केंद्रित है। "हम देश में राजनीतिक परिवर्तन की आवश्यकता पर जोर देते हैं क्योंकि इसके बिना आर्थिक या सामाजिक प्रणाली में कोई बदलाव नहीं होगा।"

महाधर्माध्यक्ष ने कहा कि मादुरो एक अवैध राष्ट्रपति हैं क्योंकि चुनाव भी नाजायज थे और अनियमितताओं से भरे थे।

उन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रिया और बेनेजुएला के राजनीतिक और आर्थिक संकट से बाहर निकलने की गारंटी के लिए संविधान में वापसी का आह्वान किया।

16 July 2019, 17:28