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इताली धर्माध्यक्षीय सम्मेलन की बैठक में सन्त पापा फ्राँसिस तस्वीरः 20.05.2019 इताली धर्माध्यक्षीय सम्मेलन की बैठक में सन्त पापा फ्राँसिस तस्वीरः 20.05.2019  (ANSA)

इटली, दक्षिण सूडान के लिये दस लाख यूरो का अनुदान

इटली के काथलिक धर्माध्यक्षों ने दक्षिणी सूडान के लोगों की सहायता के प्रति अपने समर्पण को एक बार फिर नवीकृत किया है। स्वतंत्रता हासिल कर लेने के आठ वर्ष बाद भी दक्षिणी सूडान के लोग अभी भी विश्व के सर्वाधिक बदत्तर मानवतावादी संकट से गुज़र रहे हैं।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन रेडियो

रोम, शुक्रवार, 12 जुलाई 2019 (रेई, वाटिकन रेडियो): इटली के काथलिक धर्माध्यक्षों ने दक्षिणी सूडान के लोगों की सहायता के प्रति अपने समर्पण को एक बार फिर नवीकृत किया है। स्वतंत्रता हासिल कर लेने के आठ वर्ष बाद भी दक्षिणी सूडान के लोग अभी भी विश्व के सर्वाधिक बदत्तर मानवतावादी संकट से गुज़र रहे हैं।    

मंगलवार को इताली काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन ने "दक्षिणी सूडान के लोगों के पक्ष में" दस लाख यूरो अनुदान देने की घोषणा की।

यह लगातार चौथा वर्ष है कि इटली के काथलिक धर्माध्यक्षों ने "प्रति हज़ार में से आठ" धनराशि के एक हिस्से को आपातकालीन सहायता के लिये प्रदान किया है। साथ ही, आय सृजन तथा पुनर्निमाण सम्बन्धी गतिविधियों को बनाए रखने और सम्पूर्ण देश में सुलह प्रक्रियाओं को समर्थन देने के प्रति वचनबद्धता निभाई है।

इताली कर कानून के तहत "प्रति हज़ार में से आठ" धनराशि किसी धार्मिक संगठन अथवा सामाजिक एवं लोकोपकारी सेवा में संलग्न संगठन को अर्पित कर दी जाती है। इन निधियों की सबसे बड़ी लाभार्थी कलीसिया है जो इसका जिसका उपयोग आराधना-अर्चना,  धर्मशिक्षा के कार्य तथा कल्याणकारी एवं उदारता के कार्यों के लिये करती है।  

मानवतावादी संकट

काथलिक कलीसिया के विश्वव्यापी उदारता संगठन कारितास की इताली शाखा द्वारा प्रकाशित एक प्रेस विज्ञप्ति में इस बात की ओर ध्यान आकर्षित कराया गया कि स्वतंत्रता के ऐलान के आठ वर्ष बाद भी दक्षिणी सूडान विश्व के घोरतम मानवतावादी संकट से गुज़र रहा है। सत्तर लाख लोगों में भोजन का अभाव बना हुआ है तथा कुछेक क्षेत्रों में अकाल का संकट गहरा रहा है। 19 लाख से अधिक व्यक्ति देश के अन्तर में ही विस्थापित हो गये हैं, जबकि लगभग 23 लाख शरणार्थियों ने पड़ोसी देशों में पलायन कर लिया है। इसी बीच, सितम्बर माह में सम्पन्न शांति समझौतों के बावजूद देश के विभिन्न क्षेत्रों में सरकारी सैन्य दलों तथा विद्रोही लड़ाकाओं द्वारा नागरिकों पर निरन्तर हिंसा जारी है।     

सन्त पापा फ्राँसिस की अपील

वाटिकन में, इस वर्ष अप्रैल माह में, दक्षिणी सूडान के नेताओं से मुलाकात के अवसर पर सन्त पापा फ्राँसिस ने कहा था, "एक साहसिक प्रतिबद्धता की आवश्यकता है ताकि "युद्ध की आग हमेशा के लिए बुझ जाए"; "राजनीतिक और जातीय विभाजन" पर काबू पाया जा सके; तथा "राष्ट्र निर्माण" का काम शुरू हो सके।"

12 July 2019, 12:01