Cerca

Vatican News
लूर्द का मरियम तीर्थस्थल लूर्द का मरियम तीर्थस्थल 

लूर्द के मरियम तीर्थस्थल में संत पापा के विशेष दूत की नियुक्ति

संत पापा फ्राँसिस ने फ्राँस के लिल्ले के सहायक धर्माध्यक्ष अंतोइने हेरौर्ड को, लुर्द में तीर्थयात्रा हेतु अपना विशेष दूत नियुक्त किया। नवीन सुसमाचार प्रचार हेतु गठित परमधर्मपीठीय समिति के अध्यक्ष महाधर्माध्यक्ष रिनो फिसिकेल्ला ने इस नियुक्ति की घोषणा फ्राँस के तीर्थस्थल पर बृहस्पतिवार को की।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 6 जून 2019 (रेई)˸  संत पापा फ्राँसिस तीर्थस्थलों के रख-रखाव पर विशेष ध्यान दे रहे हैं उन्होंने मेजोगोरी तीर्थस्थल के लिए 2017 में ही अपना प्रतिनिधि नियुक्त किया है। लिल्ले के सहायक धर्माध्यक्ष अंतोइने हेरौर्ड को प्रेषित पत्र में संत पापा ने लिखा है कि मरियम के तीर्थस्थल "ईश्वर की प्रजा की आवश्कताओं का उत्तर देते हुए, अधिक प्रार्थना एवं ख्रीस्तीय साक्ष्यों का स्थान बने।" 

संत पापा फ्राँसिस के इस पत्र को नवीन सुसमाचार प्रचार हेतु गठित परमधर्मपीठीय समिति के अध्यक्ष महाधर्माध्यक्ष रिनो फिसिकेल्ला ने इतिहास में सबसे लोकप्रिय मरियम तीर्थस्थल के संचालक की उपस्थिति में 6 जून को पढ़ा।

संत पापा ने लिखा है, "मैं समझना चाहता हूँ कि लूर्द के मरियम तीर्थस्थल में, मौजूद चीजों के अलावा और किन चीजों को अपनाया जा सकता है ताकि यह अधिक प्रार्थना एवं ख्रीस्तीय साक्ष्य प्रस्तुत करने हेतु लोगों की आवश्यकता पूरी कर सके।"

एक अस्थायी जिम्मेदारी

गौरतलब है कि लिल्ले के सहायक धर्माध्यक्ष अंतोइने हेरौर्ड की संत पापा के विशेष दूत के रूप में नियुक्ति एक अनिश्चित काल के लिए नहीं है (जैसा कि मेजोगोरे में महाधर्माध्यक्ष होसेर को किया गया है।) अतः यह एक अस्थायी जिम्मेदारी है जिसमें उन्हें तीर्थयात्रियों की आध्यात्मिक एवं प्रेरितिक देखभाल की जिम्मेदारी दी गयी है।

प्रेरितिक प्रबोधन एवनजेली गौदियुम में संत पापा ने लिखा है कि "लोकप्रिय भक्ति हमें यह देखने के लिए मदद देता है कि किस तरह विश्वास जिसे एक बार अपनाया जाता है, वह संस्कृति का हिस्सा बन जाता है और लगातार हस्तांतरित किया जाता है।" उन्होंने कहा है कि तीर्थस्थल की ओर एक साथ यात्रा करना और लोकप्रिय भक्ति में अपने बच्चों अथवा दूसरे लोगों को साथ लेते हुए भाग लेना, यह खुद अपने आप में सुसमाचार प्रचार है। आइये, हम इस मिशनरी शक्ति के प्रति कठोर अथवा पूर्वाग्राही न बनें।

06 June 2019, 17:25