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मेक्सिको के प्रवासी मेक्सिको के प्रवासी  (ANSA)

मेक्सिको के धर्माध्यक्षों द्वारा अमेरिका प्रवासन समझौते का जवाब

मेक्सिको के काथलिक धर्माध्यक्षों ने एक बयान जारी कर अमेरिकी सीमा की ओर बढ़ने वाले प्रवासियों के प्रवाह को रोकने हेतु संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ हाल ही में किये गये समझौते पर चिंता व्यक्त की।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

मेक्सिको, बुधवार 12 जून 2019 (वाटिकन न्यूज) : मेक्सिको और संयुक्त राज्य अमेरिका ने पिछले शुक्रवार को अमेरिका के सभी मेक्सिकन निर्यात शुल्क को टालने के लिए एक समझौते पर सहमति व्यक्त की, जिसमें मेक्सिको ने मध्य अमेरिकी देशों से उत्तर की ओर जाने वाले प्रवासियों को रोकने के लिए "मजबूत उपाय" करने का वादा किया। मेक्सिको प्रवासियों के पलायन को रोकने लिए हर संभव क़दम उठाने के लिए राज़ी हो गया है।

मेक्सिकन धर्माध्यक्षीय सम्मेलन ने बयान में प्रवासी भाइयों और बहनों के लिए मानवीय स्वागत की कमी पर चिंता व्यक्त की, जो सभी मनुष्यों के अधिकारों को समान रूप से पहचानने और उनकी रक्षा करने में हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

मेक्सिको दीवार न बने

धर्माध्यक्षों का कहना है कि ग्वाटेमाला के साथ मेक्सिको की दक्षिणी सीमा में 6,000 नेशनल गार्ड सैनिकों को भेजने का सरकार का निर्णय "विरोधाभासी" था।

धर्माध्यक्षों का कहना है,"अगर हम, मेक्सिको वासी उस दीवार के निर्माण को अस्वीकार कर दिया है तो हम खुद को उस दीवार में नहीं बदल सकते।"

आंशिक सफलता

मेक्सिकन धर्माध्यक्षों ने मेक्सिकन सामानों पर शुल्क से बचने के लिए किये सौदे का स्वागत किया और आशा व्यक्त की कि "जारी बातचीत दो लोकतांत्रिक देशों के बुनियादी मूल्यों को व्यक्त कर सकती है, जैसे मानव अधिकारों के लिए सम्मान, लोगों के बीच एकजुटता, और क्षेत्र के जन कल्याण को बढ़ावा देने के प्रयास।"

धर्माध्यक्षों का कहना है कि वास्तविक समस्या प्रवासियों के प्रवाह को रोकना नहीं है, लेकिन "मध्य अमेरिका और मेक्सिको के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में अभिन्न मानव विकास को बढ़ावा दे रही है।"

"मेक्सिको अलग-थलग नहीं है। यह एक भाई राष्ट्र है और उसे एक क्षेत्रीय आम भलाई को ध्यान में रखते हुए एक रणनीति के माध्यम से अन्य मध्य अमेरिकी देशों का निर्माण करना चाहिए"।

मेक्सिकन और अमेरिकी सरकारों से अपील

मेक्सिको के काथलिक धर्माध्यक्षों ने मेक्सिको और संयुक्त राज्य अमेरिका की सरकारों से अपील के साथ अपना संदेश समाप्त किया।

वे औपचारिक रूप से अनुरोध करते हैं कि दोनों राष्ट्र "द्विपक्षीय संबंधों में पहले बातचीत और पारदर्शी समझौते के लिए एक स्थायी प्रतिबद्धता बनाएं। ब्लैकमेल या धमकी के आसान प्रलोभन में न पड़ें। प्रत्येक देश की भलाई पूरे क्षेत्र की भलाई को देखते हुए बनाई गई है। भाइयों और बहनों के रूप में एक साथ चलने के अलावा कोई दूसरा भविष्य नहीं है।”

12 June 2019, 17:11