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एशियाई काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन एशियाई काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन 

पेंतेकोस्त महापर्व पर एशियाई धर्माध्यक्षों का संदेश

एशिया के धर्माध्यक्षों ने पेंतेकोस्त महापर्व के अवसर पर "समस्त कलीसिया के सच्चे मिशनरी मन-परिवर्तन हेतु प्रार्थना करने का आह्वान किया है।"

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

एशिया, शनिवार, 8 जून 2019 (रेई)˸ एशियाई काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलनों के संघ के अध्यक्ष एवं यंगोन के महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल चार्स बो ने पेंतेकोस्त महापर्व के पूर्व एक पत्र जारी कर कहा, "हम हमारे प्यारे संत पापा फ्राँसिस द्वारा 2019 के पेंतेकोस्त महापर्व में नवीनीकरण के आह्वान द्वारा आशीषित हुए हैं कि हम समस्त कलीसिया के सच्चे मिशनरी मन-परिवर्तन के लिए प्रार्थना करें। 

संत पापा फ्राँसिस ने पेंतेकोस्त पर विशेष जोर देते हुए, निमंत्रण दिया है कि हम वर्ष 2019 के अक्टूबर माह को असाधारण मिशनरी महीना की तरह व्यतीत करें।

अंधकार में ज्योति  

कार्डिनल ने पत्र में संत पापा जॉन पौल द्वितीय की याद दिलायी है जो 20 साल पहले 1999 में एशिया में, सिनॉड के उपरांत प्रेरितिक प्रबोधन एक्लेसिया के प्रकाशन के लिए नई दिल्ली आये थे, जो एशिया के धर्माध्यक्षों द्वारा रोम में 1998 हुए एशिया के लिए असाधारण महासभा के परिश्रण का परिणाम था।

उन्होंने कहा, "वह ज्योति अन्धकार में चमकती रहती है- अन्धकार ने उसे नहीं बुझाया"(यो. 1:5) ये इस कठिन समय में येसु के द्वारा आशा के शब्द हैं। जो लोग उन्हें स्वीकार करते और उनके नाम पर विश्वास करते हैं उन्हें ईश्वर के संतान होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।" ये सुसमाचार के लिए कार्य करने वालों के लिए सांत्वना के शब्द हैं जो अत्यचार, असहिष्णुता और धार्मिक कट्टरता के बावजूद एशिया के लोगों के बीच सुसमाचार का प्रचार करते हैं।

पवित्र आत्मा सुसमाचार प्रचार के लिए भेजते हैं

उन्होंने लिखा कि संत पापा हमें स्मरण दिलाते हैं कि हम कोई उत्पादित वस्तु को नहीं बेच रहे हैं बल्कि हम ईश्वर के जीवन का प्रचार कर रहे हैं, उनके दिव्य जीवन, उनके करुणावान प्रेम तथा उनकी पवित्रता का प्रचार कर रहे हैं। पवित्र आत्मा ही हमें इसके लिए भेजते और प्रेरित करते हैं। वे हमारे मिशन के स्रोत हैं। वे ही हैं जो कलीसिया को आगे ले चलते हैं।  

कार्डिनल बो ने प्रार्थना की कि पवित्र आत्मा की हवा हम सभी पर छा जाए तथा हमारे साक्ष्य द्वारा सुसमाचार का फल उत्पन्न हो।  

08 June 2019, 15:47