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श्रीलंका के विश्वासी श्रीलंका के विश्वासी   (AFP or licensors)

कार्डिनल फिलोनी श्रीलंका में, पीड़ितों को संत पापा का सामीप्य

श्रीलंका में ख्रीस्तीय समुदाय पर आतंकी हमले के ठीक एक महीना बाद लोकधर्मियों की प्रेरिताई के लिए गठित परमधर्मपीय समिति के अध्यक्ष कार्डिनल फेरनांदो फिलोनी श्रीलंका की यात्रा में हैं। वे पीड़ित ख्रीस्तीय समुदाय को संत पापा फ्राँसिस की एकात्मता प्रदान करने के लिए वहाँ गये हुए हैं।

उषा मनोरम ातिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 23 मई 2019 (रेई)˸ लोकधर्मियों की प्रेरिताई हेतु गठित परमधर्पीठीय समिति के अध्यक्ष कार्डिनल फेरनान्दो फिलोनी अपनी तीन दिवसीय यात्रा पर 22 -24 मई को श्रीलंका में हैं। वे थाईलैंड में सियाम के प्रेरितिक विकारियेट की 350वीं वर्षगाँठ मनाने के बाद श्रीलंका रवाना हुए हैं।

कार्डिनल फिलोनी 21 अप्रैल को पास्का पर्व के दिन श्रीलंका के ख्रीस्तीय समुदाय में हुए हमला के शिकार लोगों को, संत पापा फ्राँसिस का आध्यात्मिक सामीप्य एवं उनकी एकात्मता प्रदान करना चाहते हैं।

21 अप्रैल को पास्का पर्व के दिन गिरजाघर में हुए आतंकी हमले में करीब 258 लोग मौत के शिकार हो गये थे। हमला की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ली थी किन्तु पुलिस का कहना था कि हमला स्थानीय मुस्लिम चरमपंथी दल द्वारा किया गया था।

पीड़ित परिवारों से मुलाकात

कार्डिनल फिलोनी 22 मई को श्रीलंका पहुँचे जिनका स्वागत श्रीलंका के महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल मालकोम रंजित ने की। उन्होंने संत अंतोनी गिरजाघर के पास एक कैंटीन की नींव पर आशीष प्रदान की। यह कैंटीन सभी धर्मों के जरूरतमंद लोगों के लिए खोला जाएगा। कार्डिनल फिलोनी ने आतंकी हमले के शिकार लोगों के परिवार वालों से भी मुलाकात की। स्थानीय कलीसिया ने इन परिवारों की भौतिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से काफी मदद की है।

हमला के बाद भी गिरजाघर भरा हुआ

कोलोम्बो धर्मप्रांत के सूत्रों अनुसार आज श्रीलंका की कलीसिया पहले से कहीं अधिक सक्रिय हो गयी है। काथलिक अपने विश्वास का महान साक्ष्य दे रहे हैं। श्रीलंका में बौद्ध लोगों की बहुलता है किन्तु अहिंसा एवं मेल-मिलाप के नाम पर वहाँ के हिन्दू एवं मुस्लमान, ख्रीस्तीय विश्वासियों से अत्यन्त प्रभावित हैं। हमले के भय के बावजूद समारोहों में बड़ी संख्या में भाग लेना एक बड़ा साक्ष्य है जबकि कुछ काथलिक स्कूलों को छोटे बच्चों के लिए अब भी नहीं खोला गया है। श्रीलंका में ख्रीस्तीय समुदाय खासकर, काथलिक कलीसिया काफी विकसित हो चुकी है।     

संत सेबास्तियन कलीसिया का दौरा

कार्डिनल फिलोनी ने 22 मई को सरल एवं साहसी विश्वासयों से मुलाकात की जो संत पापा के प्रतिनिधि को पाकर अत्यन्त खुश हुए। उन्होंने श्रीलंका के राष्ट्रपति से भी मुलाकात की। कार्डिनल ने वहाँ के धर्माध्यक्षों से मुलाकात कर उनके बीच मिशन एवं प्रशिक्षण पर चर्चा की। 23 मई को उन्होंने संत सेवास्तियन गिरजाघर का दौरा किया जहाँ पास्का पर्व के दिन आतंकी हमला हुआ था। वहाँ उन्होंने कब्रस्थान के प्रार्थनालय की नींव डाली। यहाँ भी उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। अपने दौरे के अंतिम दिन 24 मई को कार्डिनल फिलोनी श्रीलंका के पुरोहितों एवं धर्मसमाजियों से मुलाकात करेंगे।  

23 May 2019, 17:36