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Vatican News
प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर  (AFP or licensors)

नीगेर में एक काथलिक पल्ली पर हमला

पश्चिमी अफ्रीकी देश नीगेर के नियामी धर्मप्रांत के एक काथलिक पल्ली में हुए हमले में पल्ली पुरोहित घायल हो गये हैं जबकि स्थानीय काथलिक समुदाय में दहशत का महौल है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

नीगेर के मिशनरियों ने जानकारी दी कि सोमवार को कुछ अज्ञात लोगों ने डोलबेल पल्ली पर आक्रमण किया, जिसमें फादर निकाइसे अवलोके घायल हो गये हैं।  

यह पल्ली, राजधानी से 200 किलोमीटर की दूरी पर सोंगय-सरमा क्षेत्र में है।

मिशनरी सूत्रों ने कहा कि उन्हें पल्ली के खिलाफ और विशेष रूप से, काथलिक पुरोहितों के खिलाफ हमले की संभावना के लिए सतर्क किया गया था। उन्होंने बताया कि यह घटना इस तथ्य की एक और पुष्टि है कि बुर्किना फासो के साथ सीमा क्षेत्र पर सुरक्षा की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।

साहेल में आतंकवाद का नया चरण

रविवार को बुर्किना फासो में एक काथलिक गिरजाघर पर हमला हुआ था जिसमें छह लोग मारे गए थे। उन्होंने कहा, "साहेल में आतंकवाद के इस नए चरण के लिए सुरक्षा बल तैयार नहीं था।"

इस बीच, सोसाइटी ऑफ अफ्रीकन मिशन्स के फादर पियर लुइगी मैककल्ली के बारे में अभी भी कोई खबर नहीं आई है, जिनका 17 सितंबर 2018 को नीगेर में अपहरण कर लिया गया था।

देश जनवरी 2015 में किये गये ईसाई-विरोधी हमलों से अब भी उबर नहीं पाया है,  जब 45 गिरजाघरों समेत, स्कूलों और अनाथालयों पर हमला किया गया और नियामी, जिंदर और गौरे में आग लगा दी गई थी।

ये हमले चार्ली हेब्दो के पहले पन्ने पर बने कार्टून मुहम्मद के रोने की प्रतिक्रिया के जवाब में किये गये थे, जिसको इस्लामी आतंकवादी हमले के एक दिन बाद प्रकाशित किया गया था जिसमें फ्रांस में नौ पत्रकारों सहित बारह लोगों की मौत हो गई थी।

अंतरधार्मिक वार्ता एवं समझदारी को प्रोत्साहन

उसके बाद उस क्षेत्र में, "मरियम के साथ" नामक पारस्परिक समझ और भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए एक ईसाई परियोजना लागू किया गया था। इस परियोजना के द्वारा नियमित बैठकें आयोजित की जाती हैं जिसमें सभी ख्रीस्तीय समुदायों के साथ मुसलमानों को एक साथ रहने और एक-दूसरे के बारे में जानने का अवसर प्रदान किया जाता है।

सभा में ख्रीस्तीय और मुस्लिम नेताओं द्वारा परस्पर अंतरधार्मिक संवाद विषय के साथ-साथ प्रार्थना और चर्चा के लिए अवसर दिया जाता है। हालांकि, आयोजकों का कहना है कि अभी भी बहुत अधिक अविश्वास बना हुआ है।

14 May 2019, 16:50