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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर  (ANSA)

कारितास का लक्ष्य भारत में भूख के दर्द को कम करना

राष्ट्रीय कारितास चालीसा अभियान सामाजिक रूप से गरीब समूहों के बच्चों के बीच कुपोषण पर केंद्रित है।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

नई दिल्ली, सोमवार, 15 अप्रैल 2019 (उकान) : कारितास इंडिया  द्वारा चलाया गया चालीसा अभियान देश में क्रोनिक कुपोषण से लड़ने के लिए किया गया है।

काथलिक चारिटी ने इस साल के चालीसा के लिए अपना राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया जो पास्का महापर्व 21 अप्रैल को समाप्त होगा।  अभियान का विषय था, “पोषण हमारा अधिकार - स्वस्थ भारत के लिए एकजुट हों”

कारितास इंडिया के सहायक कार्यकारी निदेशक फादर जॉली पुथेनपुरा ने उका न्यूज से कहा, "चालीसा काल के दौरान हमारा प्रयास है कि कलीसिया उन लोगों के बच्चों तक पहुंचे, जो सामाजिक रूप से गरीब दलित, आदिवासी और हाशिए पर जीने वाले गरीब लोग हैं।”

 दुनिया में सबसे बड़ी कुपोषित बच्चों की संख्या भारत में है जिनकी संख्या करीबन 195 मिलियन है।

विश्व खाद्य सुरक्षा और पोषण 2018 की रिपोर्ट का कहना है कि 47 मिलियन बच्चों की अपेक्षाकृत वृद्धि कम हुई है जबकि 25.5 मिलियन बच्चों का वजन कम है। फादर पुथेनपुरा ने कहा कि भारत अपने 1.3 बिलियन लोगों को खिलाने के लिए पर्याप्त खाद्यान्न का उत्पादन करता है। लेकिन बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने और मृत्यु दर बढ़ने से देश में कुपोषण जारी है। गरीबी और असमान धन का वितरण मुख्य कारण हैं।

इस अभियान का उद्देश्य विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से कुपोषण के बारे में जागरूकता फैलाना है, जिसमें पोस्टर, वार्ता और प्रदर्शन शामिल है, ताकि समस्या से लड़ने के लिए लोगों का समर्थन प्राप्त किया जा सके।

फादर पुथेनपुरा ने बताया कि कारितास इंडिया स्थानीय सरकारों के साथ मिलकर काम करता है और राज्य और लोगों के बीच एक सेतु का काम करता है। “कारितास इंडिया को भूख और बीमारी के खिलाफ अभियान का जनादेश दिया गया है और हम इस मिशन को आगे ले जाने के लिए धर्मप्रांतों और विश्वासियों को शामिल करते हैं।”

यह अभियान विभिन्न राज्यों में 100 स्थानों पर आयोजित किया जा रहा है। अगले साल यह हर धर्मप्रांत के जिले में आयोजित किया जाएगा।

कारितास के संसाधन और विकास अधिकारी जोनी जॉय ने कहा कि दक्षिणी राज्य केरल में नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से संदेश फैलाया जा रहा है।

24 मार्च को, दिल्ली महाधर्मप्रांत में रक्तदान शिविर के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया था। धर्मप्रांतीय समाज सेवा संगठन चेतनालय, संत जॉन एम्बुलेंस सर्विस और इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी ने मिलकर सेक्रेड हार्ट महागिरजाघर के परिसर में आयोजित किया था।

चेतनालय के निदेशक फादर जॉन ब्रिटो ने कहा कि "जैसा कि चालीसा काल दान देने के लिए प्रेरित करता है, लोगों ने जीवन बचाने के लिए अपना कीमती रक्त दान किया।” उन्होंने कहा कि उनकी संस्था राजधानी के 17 झुग्गी-झोपड़ी इलाकों और पड़ोसी राज्यों में चिकित्सा विशेषज्ञों की मदद से कुपोषण के अध्ययन में कारितास की मदद करती है।

15 April 2019, 16:31