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मोसूल के संत पॉल गिरजाघर में रात्रि जागरण मिस्सा मोसूल के संत पॉल गिरजाघर में रात्रि जागरण मिस्सा  (ANSA)

मोसूल में चार साल बाद धर्माध्यक्ष ने मनाया पास्का पर्व

मोसूल के संत पॉल गिरजाघर में धर्माध्यक्ष मिखाएल नजीब मूसा ने 20 अप्रैल को रात्रि जागरण मिस्सा का अनुष्ठान किया जिसमें करीब 15 परिवारों ने समारोही मिस्सा में भाग लिया।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

मोसूल, सोमवार 22 अप्रैल 2019 (रेई) : “भाईचारे के पुलों का निर्माण करें, नफरत की दीवारों को तोड़ें और आशा की बीज डालें। इराक का नया जन्म हो रहा है और मोसूल में नये जीवन की शुरुआत है। डरिये नहीं, मत, ख्रीस्तीय होने का साहस रखें। हमारा मिशन मसीह की गवाही देना है। यह वह संदेश है जो हम अन्य धर्मों के भाइयों और पूरी इराकी जनता को बताना चाहते हैं।” ये बातें नये धर्माध्यक्ष मिखाएल नजीब मूसा ने पास्का पर्व के अवसर पर अपने प्रवचन में कही।

मोसूल के संत पॉल गिरजाघर में धर्माध्यक्ष मिखाएल नजीब मूसा ने 20 अप्रैल को रात्रि जागरण मिस्सा का अनुष्ठान किया जिसमें करीब 15 परिवारों ने समारोही मिस्सा में भाग लिया। इस गिरजाघर में शहीद धर्माध्यक्ष पौलुस फराज राहो का कब्र भी है। खलदेई दोमेनिकन धर्माध्यक्ष मिखाएल नजीब मूसा इस वर्ष जनवरी में मोसूल-आक्रा धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष नियुक्त हुए।

भय का समय

जून 2014 में, इस्लामिक स्टेट (आइसिस) के जिहादी आतंकवादियों द्वारा नीनवे के अधिकांश उत्तरी प्रांतों और मोसूल में दाएश के काले झंडे आ गए थे, और वहां से अल नूरी मस्जिद में अबू बक्र अल-बगदादी ने 29 जून खुद को ख़लीफ़ा घोषित किया था। फिर नीनवे मैदान के ख्रीस्तीय गांवों पर आक्रमण, उनके निवासियों का निष्कासन और हिंसक उत्पीड़न शुरु हुआ। हजारों ईसाइयों के बीच भी, मोसूल के मूल निवासी मोन्सिन्योर नजीब मूसा भी थे। वे लगभग 1300 प्राचीन पांडुलिपियों को हासिल करने और ओरिएंटल पांडुलिपि डिजिटल केंद्र संस्थान के जिम्मेदार थे, जो इराक की ख्रीस्तीय संस्कृति को संरक्षित करने के लिए स्थापित किया गया था।

एक नया मोसूल

पाँच साल के बाद दोमिनिकन फादर एक नये खलदेई धर्माध्यक्ष के रुप में पास्का पर्व मनाने मोसूल लौट आए। मोसूल के गिरजाघरों को खलीफा ने जेलों के रूप में इस्तेमाल किया था। जिहादियों ने कुछ गिरजाघरों को जला दिया। अब मोसूल में ख्रीस्तीय कलीसिया को नये सीरे से काम करने की जरुरत है। 2008 में जिहादियों ने धर्माध्यक्ष पौलुस फराज राहो का अपहरण कर हत्या कर दी गई थी। उनका कब्र संत पॉल गिरजाघर में है। उन्होंने कहा कि यही एक मात्र गिरजाघर है जिसे साफ कर पास्का पर्व मनाने के लिए तैयार किया जा सका। “हम यहाँ पास्का पर्व इस बात के प्रमाण के रूप में मना रहे हैं कि प्रभु मसीह का प्रकाश हमारे दैनिक जीवन के अंधेरे को दूर करता है।”

22 April 2019, 15:59