उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी
रोम धर्मप्रांत के विकर कार्डिनल अंजेलो दे दोनातिस द्वारा प्रस्तुत चिंतन के उपरांत पुरोहितों ने पापस्वीकार संस्कार में भाग लिया, जिनमें से कुछेक पापस्वीकार संत पापा ने भी सुने। उसके बाद उन्होंने धर्मविधि का अनुष्ठान किया।
कार्डिनल दोनातिस ने कहा, "पूजन पद्धति के जिस समय में हम जी रहे हैं वह हमसे सभी भाई-बहनों के लिए मेल-मिलाप संस्कार के मध्यस्थ, ईश्वर की क्षमाशीलता के अग्रदूत एवं सेवक बनने का निमंत्रण देती है। हम अपने समुदायों का आह्वान करें, ख्रीस्त के नाम पर उनसे याचना करें कि वे ईश्वर के साथ मेल-मिलाप करें। हम, सभी लोगों को उनकी गलतियों के लिए, दीनतापूर्वक ईश्वर से एवं भाई-बहनों से, क्षमा मांगने के लिए प्रेरित करें। यह एक महत्वपूर्ण वरदान है जिसका अनुभव हम इस समय करेंगे।"
कार्डिनल ने कहा कि हम उपयाजकों, पुरोहितों और धर्माध्यक्षों के बीच उनके प्रेम का रसास्वादन करें ताकि हम अपने भाई-बहनों के साथ उसे अधिक तत्परता के साथ बांट सकेंगे।