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भोपाल, शुक्रवार, 8 मार्च 2019 (ऊका समाचार): मध्य प्रदेश के झाबुआ में दो दशक पहले हुए चार काथलिक धर्मबहनों के सामूहिक बलात्कार में कथित संलिप्तता के लिए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है.
बलात्कार का आरोपी गिरफ्तार
ऊका न्यूज़ डॉट कॉम को पुलिस अधीक्षक विनीत जैन ने बताया कि उन्होंने 1998 में सामूहिक बलात्कार के आरोपों में कथित संलिप्तता के कारण, 5 मार्च को, कालू लिमजी को गिरफ्तार किया था.
पीड़ित धर्मबहनों की उम्र उस समय 20 से 30 वर्ष की थी.
पुलिस ने कहा कि लिमजी 26 आरोपरियों में से एक है जिनपर धर्मबहनों के बलात्कार का आरोप है. एक आरोपी अभी भी फरार है.
प्रारंभिक पुलिस जांच ने 26 लोगों पर बलात्कार के आरोप लगाए थे. एक स्थानीय अदालत ने 13 आरोपरियों को बरी कर दिया, जबकि नौ को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है.
झाबुआ धर्मप्रान्त में गिरफ्तारी पर सन्तोष
झाबुआ धर्मप्रान्त के काथलिक अधिकारियों ने पुलिस कार्रवाई पर सन्तोष व्यक्त किया है. धर्मप्रान्त के प्रवक्ता फादर रॉकी शाह ने कहा, "हम बहुत खुश हैं कि फरार दो लोगों में से एक को कानून के सामने लाया गया है, भले ही देर से."
फादर शाह ने कहा कि सामाजिक स्थायित्व के लिये यह अनिवार्य है कि घृणित अपराधों के आरोपियों को कानून के अन्तर्गत लाया जाये.
तत्कालीन रिपोर्ट में कहा गया था कि आदिवासी बहुल इलाके में कॉन्वेन्ट हमले का आयोजन किया गया था और इसमें लगभग 50 लोगों ने भाग लिया था. यह कथित रूप से तब शुरू हुआ जब उनमें से कुछ ने कॉन्वेंट से दवा की मांग की, लेकिन सन्देहवश धर्मबहनों ने दरवाज़ा खोलने से इन्कार कर दिया था.
हमलावरों ने इसके बाद कॉन्वेंट में बलपूर्वक प्रवेश कर धर्मबहनों को एक खुले मैदान में घसीटा और उनके साथ सामूहिक बलात्कार किया. कॉन्वेंट से जुड़ी एक डिस्पेंसरी में भी उन्होंने तोड़फोड़ की और 25,000 रुपये चुरा ले गये.
पीड़ित धर्मबहनें तमिलनाड की थीं तथा क्षेत्र से अनभिज्ञ थीं.