उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी
लाहौर, मंगलवार, 12 मार्च 2019 (एशियान्यूज)˸ महाधर्माध्यक्ष फ्राँसिस शॉव ने काथलिकों का आह्वान किया है कि वे चालीसा काल के दौरान मोबाईल फोन के प्रयोग को कम करें, जिससे धीरज के अभ्यास एवं उपवास द्वारा ख्रीस्त के पुनरूत्थान की तैयारी में मदद मिलेगी।
लाहौर के पवित्रतम महागिरजाघर में ख्रीस्तियों को सम्बोधित करते हुए शुक्रवार को उन्होंने कहा कि शुक्रवार को क्रूस रास्ता की प्रार्थना एवं रविवार के ख्रीस्तयाग के दौरान मोबाईल फोन के प्रयोग से परहेज करना चाहिए। उन्होंने कहा कि गिरजा आते समय मोबाईल को अपने पॉकेट में रखना, शैतान को छिपाकर अपने साथ लाने के समान है।
विश्व के सभी युवाओं की तरह पाकिस्तान के युवा भी मोबाईल फोन के आदी हो गये हैं। देश में कम से कम 155.4 मिलियन मोबाईल फोन प्रयोग किये जाते हैं। पाकिस्तान के टेलेकम्युनिकेशन अधिकारी के अनुसार 63 मिलियन यूजरों ने 3 जी और 4 जी के लिए अनुबंधित हस्ताक्षर किया है।
युवाओं को सलाह
इसी समय, संचार और सूचना प्रौद्योगिकियों पर अनुसंधान दिखाते हैं कि एशिया खासकर, दक्षिण एशिया में जानकारी की कमी है कि इंटरनेट किस तरह कार्य करता एवं इससे क्या हानि हो सकता है। पाकिस्तान में करीब 69 प्रतिशत लोग यह भी नहीं जानते कि इंटरनेट क्या है।
धर्माध्यक्ष शॉव युवाओं को सचेत करना चाहते हैं कि वे नशीली पदार्थों की तरह, मोबाईल फोन के गुलाम होने से बचें। उन्होंने कहा, "युवा प्रार्थना के दौरान भी मेसेज भेजते रहते हैं जबकि उन्हें छः हफ्ते के इस समय को अपने जीवन पर चिंतन करते हुए व्यतीत करना चाहिए तथा अपनी बुरी आदतों और व्यवहारों को त्याग देना चाहिए जो हमें दूसरों से दूर कर देते हैं। हम प्रलोभनों के सामने मजबूत बनें।"
गंभीर मामला
पाकिस्तान में गिरजाघरों के अंदर मोबाईल फोन का प्रयोग एक गंभीर मामला है क्योंकि यह आतंकी हमले से भी जुड़ा हो सकता है। यही कारण है कि कलीसिया के अधिकारियों द्वारा गिरजाघरों के अंदर फोटो खींचने अथवा विडियो लेने से भी मना किया जाता है, चाहे यह पास्का एवं क्रिसमस जैसे महापर्व ही क्यों न हों, इसकी छूट नहीं दी जाती है।