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निकारागुआ के फादर एरनेस्तो कारदेनाल निकारागुआ के फादर एरनेस्तो कारदेनाल  

निकारागुआ के फादर एरनेस्तो के प्रतिबंध हटे

संत पापा फ्राँसिस ने निकारागुआ के फादर एरनेस्तो कारदेनाल के प्रतिबंधों को उठाया। 94 वर्षीय पुरोहित को संत पापा जॉन पौल द्वितीय ने उनकी उग्रता और डेनियल ओर्टेगा की सरकार में मंत्री होने के कारण, 1984 से उनके पुरोहितीय कर्तव्यों एवं जिम्मेदारियों से बर्खास्त कर दिया था।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

संत पापा फ्राँसिस ने निकारागुआ के पुरोहित फादर एरनेस्तो कारदेनाल पर प्रतिबंध को रविवार को उठा दिया, जिन्हें 35 वर्षों पूर्व उनके पुरोहितीय जिम्मेदारियों एवं मिशन से उनके राजनीतिक उग्रवाद तथा संस्कृति मंत्री के रूप में डैनियल ओर्टेगा की सैंडिनिस्टा सरकार में शामिल होने के लिए बर्खास्त कर दिया गया था।  

निकारागुआ के प्रेरितिक राजदूत महाधर्माध्यक्ष वाल्देमार सोमेरताग ने कहा कि संत पापा फ्राँसिस ने भली इच्छा से फादर एरनेस्तो कारदेनाल को, उनके सभी कानूनी बर्खस्तगी जो 1984 में उन पर लगा था उसे माफ कर दिया है।

प्रतिबंध का कारण

संत पापा जॉन पौल द्वितीय ने सन् 1983 ई. में जब निकारागुआ का दौरा किया था उन्होंने फादर एरनेस्तो को मनागुआ हवाई अड्डे पर सार्वजनिक रूप से बार-बार चेतावनी दी थी और कहा था, "आपको कलीसिया के साथ अपने मामलों को ठीक करना होगा।" उसके एक साल बाद 4 फरवरी को संत पापा जॉन पौल द्वितीय ने उन्हें "अ दीविनिस" पर बर्खस्त कर दिया था।   

कलीसिया की कानून सहिंता (न.285) सार्वजनिक कार्यालयों को संभालने से उन याजकों को मना करती है, जो नागरिक सत्ता संभालने में भाग लेते हैं।

हालांकि कारडेनाल ने 1994 में सैनडिनिस्टा राष्ट्रीय लिबरेशन दल को त्याग दिया था।

महाधर्माध्यक्ष सोमेरताग ने कहा कि 94 वर्षीय पुरोहित ने कानूनी दण्ड को स्वीकारा जो उन पर लगाया गया था। इस सजा के खिलाफ उसने किसी तरह की आवाज नहीं उठायी यद्यपि उसने कई वर्षों पहले ही राजनीतिक दल को छोड़ दिया था।

संत पापा का आशीर्वाद

महाधर्माध्यक्ष सोमेरताग ने फादर कारदेनाल के साथ मनागुआ के अस्पताल में ख्रीस्तयाग अर्पित किया जहाँ वे अपनी अस्वास्थ स्थिति के कारण भर्ती किये गये हैं। 30 से अधिक सालों में फादर की यह पहली ख्रीस्तयाग थी। प्रेरितिक राजदूत ने बतलाया कि संत पापा फ्राँसिस ने पूरी तरह शामिल कर दिया है तथा उन्हें अपना प्रेरितिक आशीर्वाद देते हैं ताकि वे अपने जीवन के अंतिम दिनों को प्रभु एवं कलीसिया के साथ शांति से जी सकें।  

फादर एरनेस्तो ने इस अवसर पर खुशी व्यक्त करते हुए संत पापा एवं प्रेरितिक राजदूत के प्रति आभार प्रकट किया।

प्रेरितिक राजदूत की पहल

हाल के सप्ताहों में महाधर्माध्यक्ष सोमेरताग ने कई बार बीमार पुरोहित से मुलाकात की जिनको 80 के दशक में लातिनी अमरीका में एक कवि और एक लेखक के रूप में जाना जाता था।

2 फरवरी को महाधर्माध्यक्ष सोमेरताग फादर कारदेनाल से मिलने उनके घर मनागुआ गये जहाँ फादर ने याजक वर्ग में पुनः शामिल किये जाने की इच्छा जाहिर की। अस्पताल में भर्ती होने के बाद 11 फरवरी को विश्व रोगी दिवस के दिन संत पापा के प्रतिनिधि ने पुनः उनसे मुलाकात की। उसके बाद 17 फरवरी को भी मुलाकात की जब उन्होंने उन्हें संत पापा फ्राँसिस के निर्णय के बारे बतलाया।

19 February 2019, 17:19