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येसु समाजियों के जनरल फादर आर्तुरो सोसा येसु समाजियों के जनरल फादर आर्तुरो सोसा  

कलीसिया की प्राथमिकताओं के सद्भाव में येसु संघियों की प्राथमिकता

आत्म परीक्षण और आध्यात्मिक साधना को बढ़ावा देना, बहिष्कृतों के साथ चलना,युवाओं का साथ देना और आमघर का ख्याल रखना, ये अगले दशक 2019-2029 के लिए येसु समाजियों की सार्वभौमिक प्रेरितिक प्राथमिकताएं हैं।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

रोम, बुधवार 20 फरवरी 2019 (वाटिकन न्यूज) : येसु समाजियों द्वारा चुने हुए सार्वभौमिक प्रेरितिक प्राथमिकताएं "कलीसिया की वर्तमान प्रेरितिक प्राथमिकताएँ जो धर्माध्यक्षों की धर्मसभा एवं धर्माध्यक्षीय सम्मेलनों और विशेष रुप से संत पापा के प्रेरितिक उद्बोधन एवांजली गैदियुम के साथ सामंजस्य में हैं। येसु समाजियों के जनरल फादर आर्तुरो सोसा को संबोधित पत्र में संत पापा फ्राँसिस ने इस बात को रेखांकित किया है कि एक "क्रियाशील आत्म परीक्षण" "पुस्तकालय या प्रयोगशाला" की प्रक्रिया नहीं है। परंतु यह पहली मौलिक प्राथमिकता है क्योंकि "प्राथमिक शर्त के रूप में, येसु समाजी के व्यक्तिगत और सामुदायिक जीवन" में प्रभु के साथ संबंध प्रार्थना और आत्म परीक्षण है।

प्रेरितिक प्राथमिकताएं क्षितिज हैं

प्रेरितिक प्राथमिकताएं लगभग दो वर्षों तक चलने वाली विचार-विमर्शों की प्रक्रिया के परिणाम हैं। वे आज की दुनिया के "चार महत्वपूर्ण क्षेत्रों" का प्रतिनिधित्व करते हैं। फादर सोसा ने हाल ही में येसु समाजियों को "आत्म परीक्षण और प्रेरितिक योजना" के बारे याद दिलाया और इसपर जोर दिया कि ये प्रेरितिक प्राथमिकताएं पूरे धर्मसमाज के लिए संदर्भ, क्षितिज और झुकाव के बिंदु हैं। येसु समाजी "दुनिया में मसीह के सामंजस्यपूर्ण मिशन की सेवा के लिए अपने साधनों का बेहतर उपयोग कर सकते हैं।" गहन परिवर्तनों से चिन्हित समाज में, प्राथमिकताओं को "समाजशास्त्रीय विश्लेषण, धर्मशास्त्रीय प्रतिबिंब, प्रेरितिक देखभाल और आत्म परीक्षण" के माध्यम से स्थापित किया जा सकता है। अगले 10 वर्षों के लिए 4 प्राथमिकताएं चुनी गई हैं, जिसकी पुष्टि संत पापा फ्राँसिस ने की है।

आत्म परीक्षण और आध्यात्मिक साधना को बढ़ावा 

हाल के दिनों में 4 प्रेरितिक प्राथमिकताओं को दर्शाते हुए फादर सोसा ने कहा कि कलीसिया के लिए आत्म परीक्षण आवश्यक है। आध्यात्मिक साधना येसु समाजियों के लिए एक उत्तम मार्ग है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक साधना के लिए रचनात्मकता का मार्ग लेना आवश्यक है। हमें नए रूपों को ढूंढना होगा ताकि साधना, विभिन्न समूहों, वास्तविकताओं और संदर्भों के अनुकूल हो।

बहिष्कृतों के साथ चलना

फादर सोसा ने कहा कि समाज से परित्यक्त लोगों के साथ चलने का अर्थ है कि गरीबों की दुनिया से संपर्क करना, झुग्गी-झोपड़ियो में जाना और उन लोगों से मिलना। "सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने के लिए हम एक रास्ता निकालना चाहते हैं।" "हम आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक संरचनाओं में बदलाव को बढ़ावा देना चाहते हैं जो अन्याय का कारण बनते हैं।" "हम कलीसिया और समाज के जीवन से दुर्व्यवहार के संकट को खत्म करना चाहते हैं"। फादर सोसा ने याद दिलाया कि  दुर्व्यवहार का संकट विभिन्न रूपों में आता है जिसमें यौन शोषण और शक्ति का दुरुपयोग शामिल है।

युवाओं के साथ चलना

फादर सोसा ने कहा कि युवा लोगों के साथ चलने का मतलब दुनिया को उनके नजरिए से देखना है। युवा लोग समाज में बदलाव को समझने और एक नई संस्कृति की भावना को समझने में मदद कर सकते हैं। इसलिए हमें "युवाओं और उनकी रचनात्मकता" के लिए खुला होना चाहिए। फादर सोसा ने एक और प्राथमिकता का भी संकेत दिया : “हमें युवाओं से सीखना चाहिए।”

आमघर का ख्याल रखना

चौथी प्राथमिकता आमघर की देखभाल है। फादर सोसा ने कहा, "हमें पर्यावरण के विनाश को रोकने के लिए आवश्यक कार्यों में भाग लेने की कोशिश करनी चाहिए। हमें वैकल्पिक सूत्रों की भी तलाश करनी चाहिए। इन प्राथमिकताओं के जवाब देने के लिए एक बड़ी चुनौती सहयोग की है। फादर सोसा ने निष्कर्ष निकाला कि हमारे कार्यों का एक मजबूत बिंदु सहयोग है।  

20 February 2019, 16:03