Cerca

Vatican News
प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर  (ANSA)

सेवानिवृत धर्माध्यक्ष चार्ल्स सोरेंग का अंतिम संस्कार

हजारीबाग एवं डॉल्टेनगंज के ससम्मान सेवानिवृत धर्माध्यक्ष चार्ल्स सोरेंग येसु समाजी का अंतिम संस्कार 15 जनवरी 2019 को हजारीबाग के प्रभु के रूपांतरण महागिरजाघर में सम्पन्न हुआ।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

सेवानिवृत धर्माध्यक्ष चार्ल्स सोरेंग येसु समाजी का निधन, सेवा निलय स्वास्थ्य केन्द्र में शुक्रवार 11 जनवरी 2019 को हुआ था।

हजारीबाग के धर्माध्यक्ष आनन्द जोजो द्वारा प्रकाशित शोक संदेश में उन्होंने ससम्मान सेवानिवृत धर्माध्यक्ष चार्ल्स सोरेंग का जीवन-वृतांत बतलाया। उनका जन्म 18 अगस्त 1934 को सिमडेगा के रेंगारिह पल्ली स्थित चिड़राटोली गाँव में हुआ था। उनका पुरोहिताभिषेक 24 मार्च 1969 को राँची प्रोविंस येसु समाज के लिए हुआ था। नये पुरोहित के रूप में उन्होंने संत जेवियर कॉलेज राँची एवं लोयोला स्कूल कुनकूरी में अपनी सेवाएँ दीं। 1974 से 1977 तक उन्होंने संत जॉन्स उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यपक के रूप में कार्य किया। बॉस्टन विश्वविद्यालय अमरीका से एम. ए. की पढ़ाई पूरी करने के बाद उनकी नियुक्ति संत जेवियर महाविद्यालय में प्रोफेसर एवं रेक्टर के रूप में हुई, जहाँ उन्होंने 1985 तक सेवा दी। 1985 से 1990 तक उन्होंने बिझान क्षेत्र के मेजर सेमिनरी संत अल्बर्ट कॉलेज राँची में रेक्टर एवं प्रोफेसर का कार्य किया।

सन् 1990 में वे डॉल्टेनगंज धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष नियुक्त किये गये। 1995 में जब हजारीबाग धर्मप्रांत की स्थापना हुई तब वे वहाँ के प्रथम धर्माध्यक्ष बने। हजारीबाग धर्मप्रांत में लम्बे समय तक सेवा देने के बाद 8 सितम्बर 2012 को वे सेवानिवृत हो गये थे।

स्थानीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर उनकी सेवाएँ

1992 -1994 – सीबीसीआई के ईश वचन की घोषणा आयोग के अध्यक्ष।

1994-1998 – सीबीसीआई ऑफिस नई दिल्ली के महासचिव।

1998- 2006 – सीबीसीआई शिक्षा आयोग के अध्यक्ष।

संत जॉन्स मेडिकल कॉलेज बेंगलूरू की प्रशासनिक ईकाई के सदस्य।

सीबीसीआई के आदिवासी कल्याण कार्यालय के अध्यक्ष।

1997- बिझान धर्माध्यक्षीय समिति के अध्यक्ष।

उन्होंने संत अल्बर्स कॉलेज राँची के ईशशास्त्र विभाग में कुलाधिपति के रूप में भी अपनी सेवा दीं।

अंतिम समय

24 दिसम्बर 2018 को करीब पूर्वाहन 11.00 बजे उन्हें दिल का दौरा पड़ा जिसके कारण उन्हें हजारीबाग के सबसे निकट के अस्पताल, अरोग्यम अस्पताल में भर्ती किया गया। दूसरे दिन जब उनके स्वास्थ्य में कुछ सुधार हुआ, तब बेहतर चिकित्सा के ख्याल से उन्हें राँची के मेदांता अस्पताल इरबा लिया गया। उनके स्वास्थ्य में सुधार होता गया और 31 दिसम्बर को वे बात करने और चलने लायक हो गये, जिसके कारण उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी और राँची के मनरेसा हाऊस में रखा गया।

7 जनवरी 2019 को उन्हें राँची के सेवा निलय स्वास्थ्य केंद्र आरागेट में पुनः भर्ती किया गया। 11 जनवरी को प्रातः वे प्रतिदिन की तरह उठे, खुद तैयार हुए तथा नाश्ता किया। उसके बाद उन्होंने कमजोर महसूस करने की शिकायत की। उनकी सेवा कर रहे ब्रादर प्राबल खाखा ने तुरन्त नर्स सिस्टर एवं डॉक्टर को बुलाया। यद्यपि नर्स सिस्टर एवं डॉक्टर तुरन्त पहुँचे किन्तु वे सुबह 8.40 बजे अंतिम सांस ले चुके थे।

धर्माध्यक्ष चार्ल्स सोरेंग येसु समाजी लोगों के व्यक्ति थे। वे हर तरह के लोगों से मिलजुल सकते थे। उन्होंने विशेष ध्यान गरीबों के उत्थान पर दिया, खासकर, आदिवासी लोगों के उत्थान के लिए। उनका मानना था कि सही शिक्षा के माध्यम से ही उनकी स्थिति में परिवर्तन आ सकती है। वे ईश्वर के व्यक्ति थे। उन्होंने सभी लोगों को ईश्वर के बेटे बेटियों के रूप में देखा तथा सार्वभौमिक भाईचारा पर विश्वास किया। उन्होंने "सर्व धर्म संभव समन्वय समिति" की स्थापना की और समाज के हर क्षेत्र के लोगों के बीच शांति लाने का अथक प्रयास किया। प्रभु उन्हें उनके सभी भले कार्यों का इनाम प्रदान करे तथा अपने अनन्त धाम में प्रवेश पाने दे।

15 January 2019, 17:05