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संत मदर तेरेसा संत मदर तेरेसा  (ANSA)

कोलकाता में बीमारों के विश्व दिवस के लिए एफएबीसी का संदेश

एशियाई धर्माध्यक्षीय संघों के सम्मेलन (एफएबीसी) के अध्यक्ष म्यांमार के महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल चार्ल्स बो ने संत मदर तेरेसा के शहर कोलकाता में बीमारों के विश्व दिवस के विशेष उत्सव के लिए एक संदेश जारी किया है।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

म्यांमार, बुधवार 29 जनवरी 2019 (वाटिकन न्यूज) : एफएबीसी के अध्यक्ष कार्डिनल चार्ल्स ने बुजुर्गों, शिशुओं और असहायों का सम्मान करने की परंपरा को कायम रखने के इस पवित्र कर्तव्य को जारी रखने का आग्रह किया हैं। यह समाज के स्वास्थ्य का एक बैरोमीटर है।

एफएबीसी के अध्यक्ष कार्डिनल चार्ल्स बो ने रविवार को काथलिक कलीसिया द्वारा निर्धारित बीमारों के विश्व दिवस के आगामी अंतर्राष्ट्रीय उत्सव के मद्देनजर जारी एक संदेश में यह बात कही।

संत पापा जॉन पॉल द्वितीय द्वारा 13 मई 1992 को इस दिवस की शुरुआत की गई थी, जो प्रत्येक वर्ष 11 फरवरी को लूर्द की माता मरिया के त्योहार के दिन मनाता जाता है। इसका उद्देश्य बीमारों और उनकी देखभाल करने वालों और मानव पीड़ा से छुटकारा पाने के लिए ध्यान आकर्षित करना है।

कोलकाता – संत मदर तेरेसा का शहर

प्रत्येक वर्ष,  संत पापा इस दिवस को मनाने के लिए स्थान विशेष का चुनाव करते ओर संदेश जारी करते हैं। इष वर्ष  27वां बीमारों का विश्व दिवस संत मदर तेरेसा के शहर कोलकाता में मनाया जाएगा।

संत पापा फ्राँसिस ने इस साल के समारोह के लिए अपने संदेश में, विश्वासियों से उदारता की संस्कृति को बढ़ावा देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि उदारता के साथ देने की खुशी एक ख्रीस्तीय के स्वास्थ्य का एक बैरोमीटर है।

इस वर्ष के बीमारों के विश्व दिवस की विषय वस्तु है, "तुम्हें मुफ्त में मिला है, मुफ्त में दो।” (मत्ती 10: 8)

संत मदर तेरेसा की "कर्मभूमि" के रूप में कोलकाता को याद करते हुए कार्डिनल बो कहते हैं कि इस वर्ष का विषय एक मंत्रा था जिसे येसु ने अपने शिष्यों को ईश्वर के राज्य के प्रचार कार्य में भेजने से पहले दिया था।

संत पापा का विशेष दूत

11 दिसंबर को संत पापा फ्राँसिस ने कोलकाता में बीमारों के विश्व दिवस के विशेष उत्सव के लिए बांग्लादेशी कार्डिनल पैट्रिक डी'रोजारियो को अपना विशेष दूत नियुक्त किया।

बीमारों के विश्व दिवस, इस साल 3 दिवसीय कार्यक्रम होगा, जो 9 फरवरी से कोलकाता में शुरू होगा और 11 फरवरी को कोलकाता के उत्तर में हुगली नदी के तट पर स्थित ऐतिहासिक मरियम तीर्थालय बंडेल में समाप्त होगा।

इस समारोह को मनाने के लिए भारत को दूसरी बार चुना गया है। पहली बार 2003 में दक्षिण भारत के वेलांकनी माता मरियम के तीर्थालय में मनाया गया था।

30 January 2019, 15:30