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माल्टा बंदरगाह में प्रवासी माल्टा बंदरगाह में प्रवासी  (AFP or licensors)

सरकारों को जिम्मेदारियों लेने हेतु यूरोप धर्माध्यक्षों का आमंत्रण

यूरोपीय धर्माध्यक्षीय सम्मेलन ने गुरुवार को उन देशों की सरकारों प्रति आभार प्रकट किया जिन्होंने भूमध्य सागर में कुछ दिनों से रोके गये प्रवासियों को स्वीकार किया है।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

मालटा, गुरुवार 10 जनवरी 2019 (रेई) : यूरोपीय संघ के कुछ देशों की सरकारों ने भूमध्य सागर में फंसे कुछ प्रवासियों को स्वीकार किया और उन्हें बुधवार को माल्टा के एक बंदरगाह पर ले जाया गया। यूरोपीय धर्माध्यक्षीय सम्मेलन ने प्रवासियों को बचाने और देश में शरण देने हेतु उन देशों की सरकारों को धन्यवाद दिया। साथ ही माल्टा के धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के साथ मिलकर यूरोप की सरकारों को "समुद्र में फंसे प्रवासियों के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को संभालने हेतु" आमंत्रित किया है। साथ ही उनका आह्वान है,“हम पीड़ित लोगों के क्रंदन के प्रति बहरे" नहीं रह सकते। हालांकि, "काथलिक कलीसिया और नागर समाज द्वारा प्रवासियों के स्वागत, संरक्षण, संवर्धन और एकीकरण के लिए किए गए प्रयासों से सरकारों की जिम्मेदारी नहीं बदल सकती है। उन्हें यह सुनिश्चित करना है कि समुद्र में फंसे नये प्रवासियों को बचाया जा सके। उनके लिए सुरक्षित जगह, उनके साथ मानवीय वर्ताव किया जाए और आवश्यक सहायता प्रदान की जाए।”

सुरक्षित प्रवास के लिए बेहतर जीवन की तलाश में अपने देशों से प्रस्थान करने वाले लोगों के देशों की सरकारों और गंतव्य देशों के बीच सहयोग होनी चाहिए जिससे कि भूमध्य सागर में यात्रा करने वाले लोगों को खतरों से बचाया जा सके। यूरोपीय धर्माध्यक्षीय सम्मेलन यूरोपीय संघ के सदस्य राज्यों को आमंत्रित करता है कि वे "प्रवासियों के प्रति अपनी साझा जिम्मेदारी को अमल करें, विशेष रूप से खुले समुद्र में, प्रवासियों के आगमन से सबसे अधिक प्रभावित देशों के साथ सहयोग करके और एक ऐसा तंत्र बनाए जो यह सुनिश्चित करे कि मानव गरिमा के सिद्धांत और अन्य विचारों पर आम अच्छाई हावी हो सके।”

10 January 2019, 14:29