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ईद पर केरल के लिए दान देते लोग ईद पर केरल के लिए दान देते लोग  (AFP or licensors)

दुबई की कलीसिया द्वारा केरल बाढ़ पीडितों को सहायता

संत थॉमस ऑर्थोडोक्स गिरजाघर ने "समारोह" के दौरान मनपसंद चीजों की खरीदारी को रद्द करते हुए केरल को दान देने के लिए 125 हजार यूरो एकत्र किए हैं। पल्लीवासी ज्यादातर भारत के केरल राज्य से हैं।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

दुबई, शनिवार 29 दिसम्बर 2018 (एशिया न्यूज) : दुबई में एक गिरजाघर, संयुक्त अरब अमीरात ने भवन के निर्माण की 50वीं वर्षगांठ के समारोह को साधारण तरीके से मनाते हुए उससे बचे रुपये को केरल के बाढ़ पीडितों को भेजने का फैसला किया है। गत अगस्त केरल में आयी बाढ़ सौ वर्षों में आयी सबसे भयंकर और विनाशकारी बाढ़ थी।  संत थॉमस ऑर्थोडोक्स गिरजाघर ने उत्सव के "अतिरिक्त खर्चो" को रद्द करते हुए 10 मिलियन भारतीय रुपये (125 हजार यूरो) जमा किये हैं।

केरल में बाढ़

अगस्त के मध्य में, भारत के दक्षिण-पश्चिमी तट पर स्थित केरल ने अपने इतिहास में सबसे खराब मानवीय और पर्यावरणीय तबाही झेली। बाढ़ में 400 से अधिक लोगों की मौत हुई थी और 800 हजार से अधिक लोग विस्थापित हुए थे। हफ्तों तक पूरे गाँव पानी में डूबे रहे; सड़क नेटवर्क तबाह हो गये थे। बाढ़ ने घरों और इमारतों को नष्ट कर दिया। केरल अभी भी आपदा से उबरने के लिए संघर्ष कर रही है।

दुबई की कलीसिया द्वारा सहायता कोष

दुबई की कलीसिया में अधिकांश ख्रीस्तीय केरल के हैं जो अपने मूल राज्य के आपदा में पड़े लोगों की मदद हेतु वित्तीय सहायता दे रहे हैं। उन्होंने केरल के मुख्यमंत्री द्वारा खोले गए आपातकालीन सहायता कोष को आवंटित करने के लिए कुल 2,500 यूरो एकत्र किया था।

गिरजाघर के विकर फादर निनान फिलिप पैनकैमाट्टोम ने कहा कि गिरजाघर के अधिकारियों द्वारा इसके निर्माण की 50वीं सालगिरह मनाने हेतु बनाई बड़ी योजनाओं को रद्द कर उन सभी राशियों और  लोकधर्मियों द्वारा जुटाई गई राशियों से केरल के 130 बाढ़ पीड़ित परिवारों को मदद दी गई जिनके घर बाढ़ में नष्ट हो गये थे।

पल्ली का इतिहास

दुबई का गिरजाघर पूरे अमीरात में बिखरे ऑर्थोडोक्स पल्ली का संदर्भ है। 1958 में चार परिवारों के आग्रह से इसकी शुरुआत हुई। दस साल बाद इसे ऑर्थोडोक्स ख्रीस्तियों की पल्ली के रुप में आधिकारिक मान्यता मिली। आज यह 3 हजार से अधिक परिवारों को एक साथ लाता है। पल्ली के लिए उदारता की पहल नई नहीं है: 2018 को "जायद का वर्ष" (राष्ट्र के पिता सुल्तान) के रूप में सम्मानित करने के लिए, इसने रक्त संग्रह का अभियान चलाया। अगले 4 जनवरी को कैंसर रोगियों की मदद के लिए एक और चारिटी कार्यक्रम होने वाला है।

29 December 2018, 16:15