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आशिया बीबी आशिया बीबी  

आशिया बीबी की सुनवाई उच्चतम न्यायालय में

ईशनिंदा के जुर्म में आशिया बीबी की अंतिम सुनवाई उच्चतम न्यायालय में।

दिलीप संजय एक्का-वाटिकन सिटी

पाकिस्तान, सोमवार, 8 अक्तूबर 2018 (रेई) पाकिस्तान की उच्चतम न्यायालय ने तीन न्यायाधीशों मियान सकीब नसीर, मुख्य न्यायाधीश, असीफ साईस कोसा और मजहार आलम खान मियाखेल को आशिय़ा बीबी की अंतिम सुनवाई हेतु नियुक्त किया है।

उच्चतम न्यायालय ने पंजाब प्रांत के एक अतिरिक्त अभियोजक जनरल को इस केस की सुनावाई के दौरान  नियुक्त रहने का नोटिस जारी किया है। इसके अतिरिक्त इस सुनवाई के दौरान वकील सैयद फैयाज अहमद शेरराजी, सैफ-उल मलुक चौधरी के अलावे और कई वकीलों के उपस्थित रहने की गुजाईश है।

ईशनिंदा एक संवेदशील कानून

विदित हो कि मिल्ट्री तानाशाह मुहम्मद जिया-उल-हक के द्वारा सन 1980 के दौरान प्रचलित ईशनिंदा कानून अपने में एक अति संवेदनशील कानून है जिसके तहत किसी को अब तक कोई सजा नहीं सुनाई गई है।

पाकिस्तान में पैग्मबर मुहम्मद को अपमानित करने की सजा मौत है जबकि मुसलमानों के पवित्र धर्मग्रंथ का अपमान करना की सजा अजीवन कारावास है। ये कानून आये दिन मुस्लिम बहुलक देशों में कई रुपों में विवाद का कारण रहें हैं। मानवीय अधिकारों को बहाल करने वाले संस्थानों का कहना है कि इन कानूनों का दुरुपयोग व्यक्तिगत स्वार्थ सिधि हेतु विभिन्न रुपों में किया जा रहा है।

पंजाब के राज्यपाल सलमान तासीर और काथलिक मंत्री शहबाज भट्टी को सन् 2011 में इन कानूनों के विरूद्ध आशिया बीबी की तरफ से आवाज उठाने के कारण मौत को गले लगाना पड़ा था।

महत्वपूर्ण सुनवाई

आशिय़ा बीबी को सन् 2009 से मुहम्मद को अपमानित करने के आरोप में बंदी बनाया गया है। विदित हो कि एक मुस्लिम नारी और एक ईमाम ने खेतों में पानी के बांटवारे के संबंध में आशिया पर पैगम्बर मुहम्मद को अपमानित करने का आरोप लगाया। सन् 2010 के नबम्बर में आशिय़ा बीबी को इस जुर्म के खिलाफ नाका जिले की निचली अदालत ने सजा-ए-मौत सुनाई जिसे लौहोर की उच्च अदालत ने यथावत रखा।

यदि आशिय़ा बीबी की सुनाई सर्वोच्च न्यायालय द्वारा खारिज कर जी जाती है तो उसकी अपील केवल राष्ट्रपति की विचवाई तक ही सीमित होकर रह जायेगी है, और यदि वह उस पर भी असफल हो जाती तो वह प्रथम महिला होगी जिसे ईशनिंदा के जुर्म में मौत की सजा दी जायेगी। 

परिवार

आशिया बीबी के पति आशिक मासीह ने काथलिक समाचार सेवा को बतलाया कि यदि उसकी पत्नी को जमानत मिलती है तो वे पूरा परिवार किसी दूसरों देशों की पानह लेंगे क्योंकि पाकिस्तान में उनका रहना खतरे से खाली नहीं है। आशिक पाकिस्तान के शेखिपुरा प्रांत में निर्माणकर्ता के रुप में कार्य करता है। वह अपने भाई ईशाम आशीक के साथ इंग्लैण्ड में था जो प्रताड़ित ख्रीस्तियों की सहायता करती है।

वाटिकन का हस्ताक्षेप

सन् 2010 में संत पापा बेनेदिक्त 16वें ने अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से यह निवेदन किया था वे आशिया बीबी की रिहा हेतु मदद करे। 24 फरवरी 2018 को संत पापा फ्रांसिस ने विश्वास के कारण प्रताड़ित, विश्व के लोगों संग एकात्मकता के अवसर पर आशिया बीबी के पति और देवर से व्यक्तिगत मुलाकत की थी।

08 October 2018, 17:29