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आप्रवासी जिन्हें मोनदो मिलयोरे इन रोक्का दी पापा केंद्र में शरण प्रदान की गयी है आप्रवासी जिन्हें मोनदो मिलयोरे इन रोक्का दी पापा केंद्र में शरण प्रदान की गयी है  (AFP or licensors)

तुरीन के महाधर्माध्यक्ष ने किया आप्रवासियों का स्वागत

दिचियोत्ती पोत से कुछ आप्रवासियों का स्वागत करने के अवसर पर तुरीन के महाधर्माध्यक्ष चेसारे नोसिलिया ने खुशी जाहिर की कि उन्हें दो आप्रवासियों को रखने का अवसर प्राप्त हुआ।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

दिचियोत्ती पोत को कतानिया के बन्दरगाह पर किनारे लगाया गया था जिसमें 177 आप्रवासी एवं शरणार्थी सवार थे। इटली के गृहमंत्री मातेओ साल्वीनी का कहना था कि आप्रवासियों को शरण प्रदान करना यूरोपीय संघ का दायित्व है तथा इसका पूरा भार इटली पर नहीं छोड़ा जाना चाहिये। मंत्री साल्वीनी ने नाव पर सवार 27 नाबालिगों को नाव से उतरने की अनुमति दे दी थी जबकि 150 वयस्क आप्रवासी अब भी नाव पर सवार थे।

काथलिक धर्माध्यक्षों ने अपील की थी कि मानवतावादी सिद्धान्तों को सर्वोपरि रखकर शरणार्थियों की समस्या का समाधान ढूँढ़ा जाये। आप्रवासियों को बाद में इटली में प्रवेश करने की छूट दी गयी।

तुरीन के महाधर्माध्यक्ष के शब्द

तुरीन के महाधर्माध्यक्ष चेसारे नोसिलिया ने कहा, "वास्तव में हमने शहर के विभिन्न अधिकारियों से तत्काल साकारात्मक जवाब प्राप्त किया जिनमें वे पल्लियाँ भी शामिल हैं जिन्होंने हमारे इन भाई-बहनों का स्वागत किया है। मैंने पियादमोंते धर्मप्रांत को भी आप्रवासियों का स्वागत करने का आग्रह किया है इस तरह आप्रवासियों का स्वागत करने वाले धर्मप्रांतों की संख्या में वृद्धि हुई है।" उन्होंने कहा कि यह सुन्दर चिन्ह है कि तुरीन में दो युवा आप्रवासियों को दिया गया है जिनका स्वागत कोत्तोलेंगो द्वारा किया जाएगा। इन भाई-बहनों का स्वागत न केवल उन्हें रहने का स्थान प्रदान करेगा किन्तु उन्हें धीरे-धीरे फिर से आत्मबल प्राप्त करने तथा नागरिकों के अधिकार एवं कर्तव्य के साथ समाज का हिस्सा बनने में मदद देगा।

समाज के लिए एक बड़ा उदाहरण

महाधर्माध्यक्ष ने लिखा कि स्वागत करने का यह प्रयास कई इताली काथलिक धर्मप्रांतों के साथ धर्मसमाजी संस्थाओं एवं लोकधर्मी संगठनों के सहयोग से किया गया है जो देश के समाज के लिए एक बड़ा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि न्याय, एकात्मता एवं प्रेम जैसे आम मूल्यों पर एक साथ काम करना, वास्तव में, एक पेड़ के गिरने से होने वाली आवाज से बढ़कर, एक बढ़ते जंगल की तरह है। उन्होंने कहा कि यह पूरे समाज के लिए एकात्मता की एक साकारात्मक एवं फलप्रद चुनौती है।

उन्होंने उम्मीद जतायी कि इटली के सभी विश्वासी इस रास्ते पर एवं समझौते पर चलना जारी रखेंगे।

05 September 2018, 16:14