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कार्डिनल सीन ओमाले के साथ संत पापा कार्डिनल सीन ओमाले के साथ संत पापा 

कार्डिनल ओमाले का वीडियो संदेश

कार्डिनल ओमाले ने बॉस्टन महाधर्मप्रांत के वेबसाईट पर पेंसिल्वेनिया की ग्रैंड जूरी की रिपोर्ट के उत्तर में, एक वीडियो संदेश पोस्ट कर कलीसिया के धर्मगुरूओं की जवाबदेही हेतु निमंत्रण दिया है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 21 अगस्त 2018 (वाटिकन न्यूज)˸ बॉस्टन के महाधर्माध्यक्ष तथा नाबालिगों की सुरक्षा हेतु गठित परमधर्मपीठीय समिति के अध्यक्ष कार्डिनल सीन ओमाले ने शनिवार को एक वीडियो संदेश पोस्ट किया, जिसके कुछ ही देर बाद संत पापा फ्राँसिस ने याजकों द्वारा यौन दुराचार के प्रत्युत्तर में ईश्वर की प्रजा के नाम एक पत्र प्रकाशित किया।

अवर्णनीय

कार्डिनल ओमाले ने कहा है कि अमरीका की कलीसिया जिस स्थिति का सामना कर रही है उसे कहने के लिए "शब्द ही नहीं" है। हृदय टूट चुका है जब हम पीड़ितों की दुखद दास्तां सुन रहे हैं। बच्चों एवं दुर्बलों की सुरक्षा में इस जबरदस्त असफलता से हम लज्जित हैं तथा पक्का मतलब बांधते हैं कि भविष्य में इसे फिर कभी दुहराया नहीं जाएगा।

कलीसिया के धर्मगुरूओं की जवाबदेही

कार्डिनल ने स्वीकार किया है कि कई दोषी व्यक्तियों को अपने अपराध के लिए उत्तरदायी ठहराया गया है, हालांकि, वे यह भी स्वीकार करते हैं कि कलीसिया ने अभी तक "कलीसिया के नेतृत्व के लिए जवाबदेही और परिणाम की स्पष्ट और पारदर्शी प्रणाली स्थापित नहीं कर पायी है, जिनकी असमर्थता ने इन अपराधों को होने की अनुमति दी है। उन्होंने कहा है कि जो कलीसिया के मिशन में भाग लेते हैं उन्हें आध्यात्मिक मन-परिवर्तन की आवश्यकता है। उनसे कानूनी पारदर्शिता एवं प्रेरितिक उत्तरदायित्व की मांग की जाती है।

तत्काल करर्वाई की आवश्यकता

कार्डिनल ओमाले ने वीडियो संदेश में कहा है कि इसपर तत्काल कारर्वाई की जानी चाहिए क्योंकि समय बीत रहा है। उन्होंने कहा है कि कलीसिया के नेतृत्व पर काथलिक एवं समाज दोनों ने अपना धीरज खो दिया है किन्तु वे कहते हैं कि उन्हें आशा है कि गलतियों पर सुधार किया जाएगा। उन्होंने कलीसिया से आग्रह किया है कि वे आशा नहीं खोने में लोगों की सहायता करें। बहुधा ऐसा होता है कि पीड़ा के शिकार हमें आशा बनाये रखने की बेहतर सीख देते हैं।

भरोसा पुनः प्राप्त करना

कार्डिनल ने स्वीकार किया है कि जो संकट हम झेल रहे हैं वह याजकों के पापों एवं असफलताओं का परिणाम है जिसका सामना कलीसिया के लोकधर्मी स्त्री एवं पुरूषों के सहयोग द्वारा किया जा सकता है। उनका कहना है कि सच्चाई को पहचानने के द्वारा ही कलीसिया, समाज में काथलिकों से अपना भरोसा, विश्वास और समर्थन पुनः प्राप्त कर सकती है। हमें उद्देश्य के साथ तुरन्त आगे बढ़ना चाहिए। व्यर्थ गवाँने के लिए समय नहीं है। 

21 August 2018, 16:31