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पाकिस्तान गिरजाघर से बाहर भागते लोग पाकिस्तान गिरजाघर से बाहर भागते लोग  (AFP or licensors)

फैसलाबाद के गिरजाघर हमले में चार लोग गिरफ्तार

फैसलाबाद के हरसा कोट थिसल समंदरी जिले में एक सशस्त्र समूह ने एक गिरजाघर में प्रवेश कर प्रार्थना के लिए एकत्र हुए करीब 20 विश्वासियों को पीटा और कुछ पवित्र वस्तुओं को बर्बाद कर दिया। न्याय और शांति आयोग समन्वयक के अनुसार, राज्य को चुनाव से संबंधित तनाव के बीच भी अल्पसंख्यकों की रक्षा करनी चाहिए।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

फैसलाबाद, शनिवार, 21 जुलाई 2018 (एशिया न्यूज) :  चार सशस्त्र पुरुषों ने फैसलाबाद के हरसा कोट थिसल समंदरी जिले में 13 जुलाई को एक काथलिक गिरजाघर पर हमला किया। घटना के समय, करीब 20 ख्रीस्तीय प्रार्थना कर रहे थे।

हमलावरों ने कुछ को मारा पीटा और कुछ को जलाकर मार डाने की धमकी दी। उन्होंने कुछ पवित्र वस्तुओं को भी तोड़-फोड़ दिया और इमारत में आग लगाने की कोशिश की लेकिन वक्त पर पहुंच कर पुलिस ने उन्हें रोक दिया।

आक्रामकों की पहचान जवाड़ और चिंगिज इकबाल नाम के दो भाइयों तथा जुल्करनैन और यूसुफ के रूप में हुई थी। जवाड़ और चिंगिज की बहन, खातिजा को भी गिरजाघर के अंदर मोलोटोव कॉकटेल फेंकने की कोशिश करने के लिए हिरासत में लिया गया था।

मौजूद ख्रीस्तीयों में से एक अबाद मसीह के अनुसार,  चार सशस्त्र पुरुषों ने 13 जुलाई को 7 बजे (स्थानीय समय) के आसपास गिरजाघर में प्रवेश किया और सब कुछ तोड़ना शुरू कर दिया।

ख्रीस्तीयों ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो उन्होंने हवा में गोली चाई और उन्हें मारा पीटा। इसी बीच किसी ने पुलिस को फोन किया और पुलिस तुरंत आकर हमले को रोक दिया। हिंसा का कारण स्पष्ट नहीं है: यह स्थानीय काथलिकों द्वारा इकबाल भाइयों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने का प्रतिशोध हो सकता है।

राष्ट्रीय न्याय और शांति आयोग के संयोजक बनीश पतरस ने एशिया न्यूज को बताया कि "घटना की दृढ़ निंदा की जानी चाहिए। हम पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों के लिए यह एक महत्वपूर्ण पल हैं क्योंकि पाकिस्तान में 25 जुलाई को आम चुनाव है और ऐसे समय में गैर-मुसलमान हमेशा कम सुरक्षित होते हैं।"

"मैं अधिकारियों से आग्रह करता हूँ कि अल्पसंख्यकों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं। सामान्य नागरिकों को अपने हाथों में कानून लेने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।"

21 July 2018, 15:33