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मानागुआ के गिरजाघर की खिड़की में लगी गोली मानागुआ के गिरजाघर की खिड़की में लगी गोली  (ANSA)

आतंक की रात: निकारागुआ के अर्धसैनिक द्वारा गिरजाघर के अंदर हमला

मानागुआ में विश्वविद्यालय के करीब 150 विद्यार्थी विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस और अर्धसैनिकों से बचने के लिए गिरजाघर में बंद हो गये थे और 15 धंटों से भी ज्यादा रातभर प्रार्थना करते हुए अपने आप को बचाये रखा था।

माग्रेट सुनीता मिंज - वाटिकन सिटी

मानागुआ, बुधवार 24 जुलाई 2018 (सीएनए) : “अर्धसैनिकों ने लगातार गोलीबारी जारी रखा। गिरजाघर में आग लगा दी गई। गिरजाघर के ताबूत को बुलेट से छेद कर दिया। गिरजाघर के विद्यार्थी अपनी जान बचाने के लिए बाहर भागे। इस घटना में 2 विद्यार्थियों की मौत हुई और 11 से भी अधिक गंभीर रुप से घायल हो गये थे।” उक्त बात मानागुआ के दिव्य करुणा पल्ली के पल्लीपुरोहित फादर राहुल जामोरा ने सीएनए को बताई।

विश्वविद्यालय के करीब 150 विद्यार्थी विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस और अर्धसैनिकों से बचने के लिए गिरजाघर में बंद हो गये थे और 15 धंटों से भी ज्यादा रातभर प्रार्थना करते हुए अपने आप को बचाये रखा था।

13 जुलाई को, मानागुआ में निकारागुआ के राष्ट्रीय स्वायत्त विश्वविद्यालय के छात्र राष्ट्रपति डैनियल ओर्टेगा के पेंशन सुधारों और सत्तावादी शासन का विरोध कर रहे थे। यह अप्रैल से चल रहे राष्ट्रीय विरोधों का हिस्सा था।

निकारागुआन सरकार बलों और छात्रों के बीच विरोध प्रदर्शन को रोकने के क्रम में दोनों में झड़प हो गई और यह दमन हिंसा में बदल गई। कुछ छात्र अपने सेल फोन पर अपने माता-पिता को अलविदा कहने के लिए बुला रहे थे क्योंकि उन्हें यकीन था कि वे मरने वाले थे। कुछ छात्रों ने फादर जामोरा को फोन किया था।

फादर जामोरा विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के आध्यात्मिक सलाहकार हैं। फादर जामोरा ने फोन पाते ही उन्हें पल्ली आने को कहा। छात्र पुलिस की नजरों से बचकर दिव्य करुणा गिरजाघऱ में शरण लेने लगे। पर  पुलिस और अर्धसैनिक उनका पीछा कर गिरजाघर में भी गोलीबारी करना शुरु कर दिया और करीब 15 घंटो तक रातभर गोलीबारी जारी रही। अंत में पुलिस ने छात्रों को बाहर निकालने के लिए गिरजाघर को जला दिया।

फादर जामोरा ने कहा कि अप्रैल से चल रहे राष्ट्रीय विरोधों में करीब 300 से ज्यादा लोगों की जान चली गई है।

25 July 2018, 16:11