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इताली धर्माध्यक्षीय सम्मेलन वाटिकन में इताली धर्माध्यक्षीय सम्मेलन वाटिकन में  (AFP or licensors)

भय की संस्कृति के विरुद्ध इताली धर्माध्यक्ष

इटली के काथलिक धर्माध्यक्षों ने आप्रवासियों एवं शरणार्थियों के प्रति दरवाज़ा बन्द करनेवाली "भय की संस्कृति" के विरुद्ध चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि इससे आप्रवासियों के विरुद्ध अविश्वास एवं बहिष्कार की भावना के प्रश्रय मिलेगा।

जूलयट जेनेविव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

रोम, शुक्रवार, 20 जुलाई 2018 (रेई, वाटिकन रेडियो): इटली के काथलिक धर्माध्यक्षों ने आप्रवासियों एवं शरणार्थियों के प्रति दरवाज़ा बन्द करनेवाली "भय की संस्कृति" के विरुद्ध चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि इससे आप्रवासियों के विरुद्ध अविश्वास एवं बहिष्कार की भावना के प्रश्रय मिलेगा।

इताली धर्माध्यक्षों ने अपने घरों का पलायन करने के लिये मजबूर लोगों के जीवन की रक्षा करने तथा उनके समाज में एकीकरण की भी अपील की।

इटली में नई सरकार की राजनीति

इटली में 50 दिन पूर्व आई नई सरकार की आप्रवास नीति पर गहन चिन्ता व्यक्त करते हुए गुरुवार को इताली काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन ने एक बयान जारी किया।उन्होंने कहा, "हम अनवरत जारी त्रासदी की उन छवियों को देखने के आदी हो रहे हैं जिनमें आशा की यात्रा करनेवाले कई लोगकाम पर पहुँचने से पहले ही रहे हैं। हम त्रासदी के आदी हो रहे हैं।"

समुद्र की त्रासदिक छवियाँ

उन्होंने लिखा, "मानव जीवन को निगलने वाली खाई से निकले लोगों की अवरुद्ध और काँच जैसी आँखों की दृष्टि ऐसी त्रासदिक छवियाँ हैं जिनके हमें आदी नहीं बनना चाहिये अपितु इन दीन-दुखियों के प्रति हममें ज़िम्मेदारी की भावना उत्पन्न होनी चाहिये, जो युद्ध, क्षुधा, मरुस्थलीकरण और यातनाओं के शिकार बन रहे हैं।"

उन्होंने कहा, "यह पुरुषों, महिलाओं और बच्चों का पीड़ित इतिहास है, ऐसा इतिहास जो सीमाओं के बन्द किये जाने तथा दीवारों के निर्माण के खिलाफ रो रहा है और हमसे एकजुटता, न्याय और शांति की मांग करता है।"

लोगों के मेषपाल होने के नाते धर्माध्यक्षों ने कहा, "हम सस्ते समाधान की पेशकश करने का नाटक नहीं कर रहे हैं। हालांकि, जो कुछ हो रहा है, इस सन्दर्भ में हम दूसरी ओर देखने, अपमानजनक शब्दों का उपयोग करने और आक्रामक दृष्टिकोण बनाने का इरादा नहीं रखते हैं। उन्होंने कहा," हम अपने विकल्पों को चिंता और भय से प्रभावित नहीं देखना चाहते और न ही अविश्वास, अवमानना, क्रोध और अस्वीकृति के माहौल को बढ़ावा देने की अनुमति दे सकते हैं।

सभी ख्रीस्तानुयायियों का उन्होंने आह्वान किया कि पीड़ितों को सुरक्षा प्रदान कर समावेशी संस्कृति के निर्माता बनें।  

20 July 2018, 10:26