Cerca

Vatican News
सीबीसीआई इंडिया सीबीसीआई इंडिया 

'कलीसिया के मिशन' पर विचार करने हेतु भारतीय धर्माध्यक्षों की बैठक

काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भारतीय धर्माध्यक्षों ने भाग लिया। कार्डिनल ओसवाल्ड ग्रेसियस ने भारतीय कलीसिया के मिशन को समर्पित करते धन्य कुवांरी मरियम से प्रार्थना की।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

लैटिन धर्माध्यक्षीय सम्मेलन (सीसीबीआई) द्वारा मुंबई में आयोजित छह दिवसीय सम्मेलन में पूरे भारत से 25 काथलिक धर्माध्यक्षों ने भाग लिया जिसका विषय था "धर्माध्यक्षीय 'संयुक्त विचार कार्यक्रम"।  

मुंबई के महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल ओसवाल्ड ग्रेसियस ने एशिया न्यूज को सम्मेलन के उद्देश्य को बताया, "कलीसिया के मिशन पर विचार करना और येसु के घावों (गरीबों, त्यागे गये बुजुर्गों, दलितों) को छूकर उनकी खोज करना"।

मुम्बई महाधर्मप्रांत के सेमिनरी के परिसर में, सर्वोदय भवन में 2 से 7 जुलाई तक बैठकें हुईं। यह इस साल की दूसरी सभा है; पहली 12 से 17 मार्च तक आयोजित की गई थी। 2017 में भोपाल (मध्य प्रदेश) में हुई सीबीआई की 29वीं आम सभा द्वारा सुझाए गए पहलुओं पर विचार करने और ठोस कदम उठाने के लिए ये बैठकें की गई।

थोमस की तरह येसु को पहचानने की जरुरत

3 जुलाई को काथलिक कलीसिया ने प्ररित संत थोमस का त्योहार मनाती है। इस दिन सभा को संबोधित करते हुए कार्डिनल ग्रेसियस ने कहा कि येसु को पहचानने के लिए थोमस ने उसके बगले में अपना हाथ रखना चाहता था। उसी तरह हमें आज गरीबों, परित्यक्तों, बीमारों, बुजुर्गों में येसु को ढूढ़ने की जरुरत है।

कलीसिया का मिशन

उन्होंने कहा, "जैसा कि उस समय संत थॉमस के लिए था, भारत में आज, हम येसु को उनके घावों के माध्यम से पहचान सकते हैं: परित्यक्त और जरूरतमंद, बुजुर्ग और गरीब और बेघर लोग येसु के घाव हैं। दलित और जन-जाति आदिवासी, जेल में रहने वाले अनाथ और विधवायें, गरीबी से ग्रस्त दुखी, सभी येसु के घाव हैं। येसु की पहचान उसका घाव है। भारत में कोमलता और करुणा के साथ घावों को छूना और मरहम लगाना ही कलीसिया का मिशन है।"

छह दिवसीय सभा की समाप्ति पर पवित्र यूखरीस्तीय समारोह के दौरान कार्डिनल ग्रेसियस ने भारत में कलीसिया के मिशन को कुंवारी माता मरियम के सुपुर्द करते हुए समर्पण की एक विशेष प्रार्थना की।

10 July 2018, 09:47