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यमुना नदी का पानी  दिल्ली की गली में यमुना नदी का पानी दिल्ली की गली में   (ANSA)

भारत में बाढ़ प्रभावितों को कलीसिया द्वारा सहायता

कारितास इंडिया भारत में मानसून बारिश में फंसे परिवारों के लिए पीने का पानी, भोजन और स्वच्छता किट की आपूर्ति कर रही है। मानसून बारिश की वजह से करीब 537 लोगों की मौत हुई।

माग्रेट सुनीता मिंज - वाटिकन सिटी

भोपाल, बुधवार 1 अगस्त 2018 (उका न्यूज) : असामान्य रूप से लंबी और भारी मानसून बारिश ने भारत के कई हिस्सों को बुरी तरह से प्रभावित किया है और कम से कम 537 लोगों के मरने की खबर मिली है। कलीसिया की और अन्य एजेंसियां बाढ़ से प्रभावित दो मिलियन लोगों की मदद करने पहुंच गई हैं।

बाढ़ प्रभावित राज्य

एजेंसी के अनुसार बाढ़ महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, गुजरात और असम राज्यों को भी प्रभावित कर रही है। भूस्खलन, बिजली गिरने और डूबने से ज्यादातर मौतें हुई हैं और सैकड़ों गांवों में कम से कम दो लाख लोग प्रभावित हुए हैं। केरल में मानसून शुरू होने के बाद राष्ट्रीय आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्र ने जून के आरंभ में छह राज्यों में बाढ़ दर्ज की थी। चूंकि मानसून अन्य राज्यों में फैल रहा है, केरल में कम बारिश होने की उम्मीद है। 31 जुलाई को भी तटीय राज्यों में बारिश जारी रही, जिसके कारण कई छोटी नदियों और इडुक्की बांध में पानी भर गया है।

कारितास इंडिया का योगदान

कारितास इंडिया में आपदा हस्तक्षेप का प्रबंधन करने वाले अंजन बेग ने कहा कि कलीसिया के संगठन बाढ़ प्रभावित लोगों को तत्काल राहत प्रदान करने के लिए काम कर रहे हैं। कलीसिया के संगठन पेयजल और स्वच्छता किट 3,700 परिवारों को उपल्ब्ध कराया है। इसने असम में 1,400 परिवारों के लिए खाद्य किट भी प्रदान की हैं। एक खाद्य किट परिवार के चार सदस्यों को 20 दिनों तक खिला सकती है और इसमें चावल, दाल, नमक, खाना पकाने के तेल, सोयाबीन और बिस्कुट शामिल हैं।

स्वच्छता किट में एक परिवार के चार सदस्यों को ध्यान में रखते हुए, दो प्लास्टिक की बाल्टी, एक प्लास्टिक मग, एंटीसेप्टिक्स, स्नान साबुन, धोने का साबुन, कीटाणुशोधन गोलियां, सैनिटरी पैड, टूथपेस्ट, टूथब्रश, कपड़े और डबल बेड के लिए दो मच्छर दानी शामिल हैं।

कारितास इंडिया ने केरल में धर्म के आधार पर भेदभाव किए बिना बाढ़ राहत पर 3 मिलियन रूपए (47,000 अमेरिकी डॉलर) खर्च किए हैं और प्रभावित इलाकों में 4,000 खाद्य किट भेजा है।

केरल के काथलिकों का योगदान

केरल काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के प्रवक्ता फादर वर्गीस वल्लिककट ने उका न्यूज को बताया कि काथलिक स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थी बाढ़ प्रभावित सबसे खराब क्षेत्रों के राहत शिविरों में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "काथलिक अस्पतालों से विशेष चिकित्सा दल गठित किए गए हैं, जबकि काथलिक स्वयंसेवक दल प्रभावित लोगों के राहत कार्य में लगे हुए हैं।" केरल के सभी 32 धर्मप्रांत बचाव और राहत कार्य में संलग्न हैं।

भारतीय काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के महासचिव धर्माध्यक्ष थेओदोर मस्करेनहास ने कहा कि कलीसिया के पास जो भी संसाधन मौजूद है" उसके द्वारा हम पीड़ितों की सहायता करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

01 July 2018, 15:49