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भूकंप से बर्बाद हुए मकान भूकंप से बर्बाद हुए मकान  (AFP or licensors)

काथलिकों द्वारा इंडोनेशियाई भूकंप पीड़ितों की सहायता

भूकंप पीड़ितों की सहायता के लिए काथलिकों ने तंबू, चावल और नूडल्स और अन्य खाद्यान जमा किया है। लंबोक द्वीप पर रिनजानी पहाड़ ज्वालामुखी से 500 से अधिक पर्वतारोहियों को निकाला गया।

माग्रेट सुनीता मिंज - वाटिकन सिटी

जकार्ता, बुधवार 1 अगस्त 2018(उका न्यूज) : इंडोनेशिया के लोकप्रिय पर्यटक द्वीप लंबोक में घातक भूकंप से प्रभावित हजारों लोगों के लिए काथलिक समूहों ने सहायता सामग्री एकत्र करना शुरू कर दिया है।

भूकंप से क्षति

राष्ट्रीय आपदा निवारण एजेंसी के मुताबिक 29 जुलाई को 6.4 तीव्रता वाले भूकंप से लंबोक द्वीप में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई, 355 लोग घायल हो गये और 5,100 से ज्यादा लोग अपने घरों से भागने के लिए मजबूर हुए थे।

30 जुलाई तक, 276 झटके ने पश्चिम नुसा तेंगारा प्रांत में द्वीप और अन्य क्षेत्रों को भी बुरी तरह से प्रभावित किया था। कम से कम 1,400 घर, सात स्कूल, पांच स्वास्थ्य केंद्र और 22 पूजा स्थल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गये। पश्चिम नुसा तेंगारा राज्यपाल मोहम्मद जैनुल माजदी ने आपातकाल की पांच दिवसीय स्थिति घोषित की जो 2 अगस्त को समाप्त होगी।

काथलिकों का योगदान

 मातारम के निष्कलंक माता मरियम पल्ली के पल्लीपुरोहित फादर लौरेन्सियुस मैरीनो ने उका न्यूज को बताया, "काथलिकों ने सहायता सामग्री एकत्र करना शुरू कर दिया है। काथलिक स्कूलों ने तंबू इकट्ठा किया है और मेरी पल्ली वासियों ने चावल और नूडल्स जमा किया है।" इस बीच, आपदा शमन एजेंसी के प्रवक्ता सुतोपो पुरावो नुगरोहो ने कहा कि पीड़ितों के लिए 150 टेंट, 100 जेनरेटर, 5,000 गद्दे, साथ ही कपड़े और खाद्य वस्तुएँ वितरित की गई हैं।

उन्होंने कहा, "संत अंतोनी काथलिक अस्पताल ने मेडिकल टीम को सिंबलुन उप-जिले में भूकंप से प्रभावित लोगों की सेवा करने के लिए भेजा है। यह सबसे बुरी तरह प्रभावित क्षेत्र है।"

3,726 मीटर ऊंचे माउंट रंजानी के पास भूकंप ने भूस्खलन शुरू कर दिया। लंबी पैदल यात्रा के मार्ग कई स्थानों में कट गये हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, कम से कम 543 पर्वतारोहियों, जिनमें से कई विदेशी थे, इंडोनेशिया के दूसरे सबसे सक्रिय ज्वालामुखी बचाव टीमों द्वारा बचा लिए गए।

01 July 2018, 15:25